बेतालघाट ब्लॉक प्रमुख चुनाव फायरिंग केस: 16 लोगों पर गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज
बेतालघाट ब्लॉक प्रमुख चुनाव फायरिंग केस: 16 लोगों पर गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज
नैनीताल, 24 अगस्त 2025: उत्तराखंड के नैनीताल जिले के बेतालघाट ब्लॉक में 14 अगस्त को हुए ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान हुई गोलीबारी की घटना ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इस गोलीकांड में एक ग्रामीण, महेंद्र सिंह बिष्ट उर्फ गोधन सिंह, गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव और दहशत का माहौल बन गया था।
घटना के दिन, बेतालघाट ब्लॉक परिसर के बाहर दो प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच तीखी झड़प हुई थी। एक पक्ष के समर्थकों ने पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें महेंद्र सिंह के दोनों पैरों में गोली लगी। उन्हें तुरंत खैरना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत के कारण हल्द्वानी के एसटीएच रेफर किया गया। पुलिस ने इस घटना में इस्तेमाल दो वाहनों को जब्त किया और अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मुख्य आरोपी अमृतपाल उर्फ पन्नू भी शामिल है.
पुलिस को मिली तहरीर के आधार पर दूसरे पक्ष के 14 नामजद और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें ताबड़तोड़ गोलीबारी, लाठी-डंडों और गंडासों से हमला करने, और जान से मारने की धमकी देने के आरोप शामिल हैं। अब नवीनतम कार्रवाई में 16 लोगों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो इस घटना को संगठित अपराध से जोड़ता है। थानाध्यक्ष बेतालघाट अनीश अहमद ने बताया कि जांच जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीमें गठित की गई हैं।
इस घटना के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने कड़ा रुख अपनाया था। आयोग ने थानाध्यक्ष अनीश अहमद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और भवाली के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) प्रमोद शाह के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की। आयोग ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया में हिंसा और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस गोलीकांड के लिए बीजेपी समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया और इसे चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने की साजिश बताया। दूसरी ओर, बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक नाटक करार दिया। इस घटना ने क्षेत्र में लोकतंत्र की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं, और जनता में डर का माहौल बना हुआ है।
पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी अमृतपाल के खिलाफ पहले से कोतवाली रामनगर में हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज है, जबकि अन्य आरोपी प्रदीप सिंह उर्फ शॉकर के खिलाफ मारपीट और धोखाधड़ी के दो मामले दर्ज हैं। पुलिस अन्य आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
हाईकोर्ट ने इस मामले में 14 अगस्त के चुनाव परिणामों पर रोक लगा दी है और मतगणना के नतीजों को सीलबंद करने का आदेश दिया है। इस गोलीकांड ने न केवल बेतालघाट, बल्कि पूरे उत्तराखंड में चुनावी प्रक्रिया की सुरक्षा और निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं।
