पूजा पाल के पत्र पर अखिलेश यादव का पलटवार, BJP पर लगाए गंभीर आरोप
पूजा पाल के पत्र पर अखिलेश यादव का पलटवार, BJP पर लगाए गंभीर आरोप
लखनऊ, 24 अगस्त 2025: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हाल ही में पार्टी से निष्कासित चैल विधायक पूजा पाल के आरोपों पर तीखा जवाब देते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पूजा पाल ने एक पत्र में अखिलेश पर अपराधी तत्वों को बढ़ावा देने और दलित, पिछड़े वर्गों की आवाज दबाने का आरोप लगाया था, साथ ही कहा था कि अगर उनकी हत्या होती है, तो इसके लिए सपा और अखिलेश जिम्मेदार होंगे। इस पर अखिलेश ने रविवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पलटवार किया।
अखिलेश ने कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि कोई मुख्यमंत्री से मिलता है और उसे दूसरी पार्टी के नेता से जान का खतरा महसूस होता है। यह मेरे लिए समझ से परे है। पूजा पाल को BJP नेताओं से खतरा है, और हमें जेल भेजा जा सकता है।” उन्होंने पूजा पाल के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब वह सपा में थीं, तब उन्हें कोई खतरा नहीं था, लेकिन अब उनकी जान को खतरा होने का दावा संदिग्ध है। अखिलेश ने इस मामले की केंद्रीय गृह मंत्रालय से जांच की मांग की, यह कहते हुए कि उत्तर प्रदेश की BJP सरकार पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
पूजा पाल को 14 अगस्त को सपा से निष्कासित किया गया था, जब उन्होंने विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ की और अतीक अहमद जैसे माफियाओं पर कार्रवाई के लिए BJP सरकार को श्रेय दिया। पूजा ने अपने पत्र में दावा किया कि उनकी बर्खास्तगी न केवल व्यक्तिगत थी, बल्कि यह दलित, पिछड़े और गरीब वर्गों की आवाज को दबाने की कोशिश थी। उन्होंने अखिलेश पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाया, यह कहते हुए कि उन्होंने स्वयं दिल्ली में संवैधानिक क्लब चुनाव में BJP उम्मीदवार को वोट दिया था, लेकिन उन्हें राज्ससभा चुनाव में BJP के पक्ष में वोट देने के लिए दंडित किया गया।
अखिलेश ने BJP पर पूजा पाल को मोहरा बनाकर सपा के खिलाफ नकारात्मक प्रचार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “BJP पूजा पाल को इस्तेमाल कर रही है ताकि सपा की छवि खराब हो। यह उनकी साजिश है।” उन्होंने यह भी कहा कि सपा ने हमेशा पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (PDA) समुदायों के लिए काम किया है, लेकिन BJP इस मामले को जातिगत रंग देकर वोट बैंक की राजनीति कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, पूजा पाल के 16 अगस्त को योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद उनके BJP में शामिल होने की अटकलें तेज हैं। हालांकि, उन्होंने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इस विवाद ने उत्तर प्रदेश की सियासत में नया तनाव पैदा कर दिया है, खासकर 2026 के पंचायत चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले।
