CBI छापे के बाद अनिल अंबानी ने सभी आरोपों से किया इनकार
मुंबई, 24 अगस्त 2025: रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) और इसके प्रमोटर निदेशक अनिल अंबानी के खिलाफ कथित 2,929 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शनिवार को मुंबई में छापेमारी की। इस कार्रवाई के बाद अनिल अंबानी ने सभी आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उन्हें “चुनिंदा रूप से निशाना” बनाया जा रहा है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शिकायत पर आधारित इस मामले में CBI ने 21 अगस्त को FIR दर्ज की थी, जिसमें RCOM और अंबानी पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और विश्वासघात के आरोप लगाए गए हैं।
CBI ने मुंबई में छह स्थानों पर तलाशी ली, जिसमें अंबानी का कफ परेड स्थित ‘सी विंड’ आवास और RCOM के कार्यालय शामिल थे। SBI ने आरोप लगाया कि RCOM, रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड और रिलायंस इन्फ्राटेल लिमिटेड ने विभिन्न बैंकों से 31,580 करोड़ रुपये का ऋण लिया, जिसमें से 13,667 करोड़ रुपये बैंक ऋण चुकाने और 12,692 करोड़ रुपये संबद्ध कंपनियों को भुगतान में इस्तेमाल किए गए। 2020 में हुई फॉरेंसिक ऑडिट में निधियों के दुरुपयोग और संदिग्ध लेनदेन का खुलासा हुआ, जिसमें नेटिजन इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड को 5,525 करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान और लेखा-पुस्तकों में हेरफेर शामिल है।
अनिल अंबानी के प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा, “यह शिकायत 10 साल से अधिक पुरानी है। उस समय श्री अंबानी कंपनी के गैर-कार्यकारी निदेशक थे और उनका दैनिक प्रबंधन में कोई योगदान नहीं था। SBI ने पांच अन्य गैर-कार्यकारी निदेशकों के खिलाफ कार्यवाही वापस ले ली, फिर भी अंबानी को चुनिंदा रूप से निशाना बनाया गया।” प्रवक्ता ने यह भी बताया कि RCOM वर्तमान में SBI की अगुवाई वाले ऋणदाता समिति और एक रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल की निगरानी में है, और यह मामला छह साल से NCLT और सुप्रीम कोर्ट सहित विभिन्न न्यायिक मंचों पर लंबित है।
अंबानी ने कहा कि उन्होंने SBI के धोखाधड़ी घोषणा को सक्षम न्यायिक मंच पर चुनौती दी है और वे सभी आरोपों से इनकार करते हैं। उन्होंने दावा किया कि वह कानूनी रूप से अपना बचाव करेंगे। इस बीच, SBI ने इस मामले पर सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है। यह कार्रवाई हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की 35 स्थानों पर छापेमारी और 20,000 करोड़ रुपये के कथित ऋण घोटाले की जांच के बाद हुई है।
