ट्रंप के टैरिफ के बीच भारत सरकार का बड़ा फैसला: अमेरिका जाने वाले डाक पार्सल पर अस्थायी रोक
ट्रंप के टैरिफ के बीच भारत सरकार का बड़ा फैसला: अमेरिका जाने वाले डाक पार्सल पर अस्थायी रोक
नई दिल्ली, 23 अगस्त 2025: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए नए टैरिफ नियमों के जवाब में भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। डाक विभाग ने 25 अगस्त 2025 से अमेरिका जाने वाले सभी प्रकार के डाक पार्सलों की बुकिंग पर अस्थायी रोक लगा दी है। इस रोक में पत्र/दस्तावेज और 100 डॉलर तक के उपहार सामान को छूट दी गई है, जो सामान्य रूप से स्वीकार किए जाएंगे। यह फैसला ट्रंप प्रशासन द्वारा 29 अगस्त से लागू होने वाली नई टैरिफ नीति के कारण लिया गया है, जिसने कम मूल्य के पार्सलों पर ड्यूटी-मुक्त छूट (डी मिनिमिस) को खत्म कर दिया है।
ट्रंप ने अप्रैल 2025 में चीन और हांगकांग से आने वाले डी मिनिमिस शिपमेंट पर 120% टैरिफ या 200 डॉलर की फ्लैट फीस लागू की थी, जिसे बाद में मई में 54% कर दिया गया। अब, 29 अगस्त से सभी देशों के लिए डी मिनिमिस छूट खत्म होने के बाद, अमेरिका में डाक के माध्यम से भेजे गए पार्सलों पर 80 से 200 डॉलर का शुल्क या देश-विशिष्ट टैरिफ दर लागू होगी। इस बदलाव ने वैश्विक डाक सेवाओं में भारी उथल-पथल मचाई है, क्योंकि अमेरिकी सीमा शुल्क सेवा (CBP) ने ड्यूटी संग्रह और डेटा सबमिशन के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश नहीं दिए हैं।
भारत के डाक विभाग ने कहा, “अमेरिकी डाक प्रणाली में नई टैरिफ नीति के कारण उत्पन्न अनिश्चितता के चलते यह निर्णय लिया गया है।” ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड्स, नॉर्वे और फिनलैंड जैसे देशों ने भी इसी तरह की रोक लगाई है। भारत के इस कदम से ई-कॉमर्स कंपनियों और छोटे व्यवसायों को झटका लग सकता है, जो अमेरिका में कम मूल्य की वस्तुओं का निर्यात करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर डाल सकता है, खासकर तब जब भारत पहले ही ट्रंप के 50% टैरिफ की धमकी का सामना कर रहा है।
