उत्तरकाशी में फिर आपदा का कहर: धराली के बाद सयानाचट्टी में बिगड़े हालात, कृत्रिम झील से खतरा
उत्तरकाशी में फिर आपदा का कहर: धराली के बाद सयानाचट्टी में बिगड़े हालात, कृत्रिम झील से खतरा
उत्तरकाशी, 22 अगस्त 2025: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में एक बार फिर प्रकृति ने कहर बरपाया है। धराली में हाल ही में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन की त्रासदी के बाद अब बड़कोट तहसील के सयानाचट्टी क्षेत्र में हालात बेकाबू हो गए हैं। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण कुपड़ा खड्ड और गढ़गड नाले से आए मलबे और बड़े-बड़े पत्थरों ने यमुना नदी का प्रवाह अवरुद्ध कर दिया, जिससे सयानाचट्टी में लगभग 400 मीटर लंबी और 300 मीटर चौड़ी एक कृत्रिम झील बन गई है। इस झील के पानी ने घरों, होटलों, बाजारों और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के मोटर पुल को जलमग्न कर दिया है, जिससे बड़े पैमाने पर तबाही का खतरा मंडरा रहा है।
जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 150 से अधिक लोगों, जिनमें स्थानीय निवासी और नेपाली मजदूर शामिल हैं, को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। कुठनौर और खरादी जैसे निचले इलाकों के लोग स्यालना, पुजर्गांव और पाली जैसे गांवों में शरण ले रहे हैं। गुरुवार देर शाम को जलस्तर बढ़ने से दो मंजिला इमारतें डूब गईं और यमुनोत्री राजमार्ग पर संपर्क टूट गया, जिससे एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और सिंचाई विभाग की टीमें खरादी में फंस गईं। जिला मजिस्ट्रेट प्रशांत आर्य स्वयं राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं और ड्रोन के जरिए झील की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
हालांकि, लगातार मलबा बहने और दलदली स्थिति के कारण भारी मशीनों से नदी का प्रवाह बहाल करने में मुश्किलें आ रही हैं। भारतीय मौसम विभाग ने उत्तरकाशी और अन्य जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। स्थानीय होटल व्यवसायी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि उनके भूतल की संपत्ति पूरी तरह पानी में डूब गई है, और लोगों में दहशत का माहौल है।
धराली में 5 अगस्त को आई बाढ़ ने पहले ही गांव को तहस-नहस कर दिया था, जहां 5 लोगों की मौत हुई और 50 से अधिक लोग लापता हैं। अब सयानाचट्टी में बनी यह कृत्रिम झील एक नया खतरा बन गई है। प्रशासन ने ओजरी और गंगनानी जैसे आसपास के गांवों में अलर्ट जारी किया है और लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील की है।
