मोदी सरकार का बड़ा कदम: ऑनलाइन सट्टेबाजी गेम्स पर बैन, संसद में बिल पेश
मोदी सरकार का बड़ा कदम: ऑनलाइन सट्टेबाजी गेम्स पर बैन, संसद में बिल पेश
नई दिल्ली, 19 अगस्त 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ से जुड़े गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को नियंत्रित करने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी। सूत्रों के अनुसार, ‘रेगुलेशन एंड प्रमोशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल’ को बुधवार, 20 अगस्त को लोकसभा में पेश किया जाएगा। इस बिल का उद्देश्य ऑनलाइन सट्टेबाजी को अपराध घोषित करना, भारी जुर्माना और सजा लागू करना, और युवाओं को नशे की लत और धोखाधड़ी से बचाना है।
बिल में ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े ऐप्स और वेबसाइट्स पर प्रतिबंध, मनी-बेस्ड गेमिंग लेनदेन पर रोक, और सेलेब्रिटीज़ द्वारा ऐसे ऐप्स के प्रचार पर पाबंदी जैसे कड़े प्रावधान शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, बैंक और वित्तीय संस्थानों को रियल-मनी गेम्स के लिए फंड ट्रांसफर की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, अवैध गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई और गैर-पंजीकृत साइट्स को ब्लॉक करने का अधिकार सरकार को होगा।
यह कदम हाल के महीनों में ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के बाद उठाया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महादेव ऑनलाइन बुक ऐप जैसे प्लेटफॉर्म्स की जांच में करोड़ों रुपये की हेराफेरी का खुलासा किया था। सरकार ने 2022 से फरवरी 2025 तक 1,400 से अधिक सट्टेबाजी और जुआ वेबसाइट्स को ब्लॉक किया है। शिक्षा मंत्रालय ने नाबालिगों में बढ़ती लत को देखते हुए अभिभावकों और शिक्षकों के लिए चेतावनी जारी की है।
बिल में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र का नोडल नियामक बनाने का प्रस्ताव है। साथ ही, दीवाली 2025 से ऑनलाइन गेमिंग पर 40% GST लगाने की योजना है, जो मौजूदा 28% से अधिक होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बिल ऑनलाइन गेमिंग उद्योग को सुरक्षित और जवाबदेह बनाएगा, हालांकि कुछ राज्यों में स्किल-बेस्ड गेम्स के लिए अलग नियमों के कारण चुनौतियां रह सकती हैं।
