अमेरिका और कनाडा में दीपावली की धूम: न्यू जर्सी की रामलीला से लेकर शिकागो की आतिशबाजी तक दिखे खास आयोजन
अमेरिका और कनाडा में दीपावली की धूम: न्यू जर्सी की रामलीला से लेकर शिकागो की आतिशबाजी तक दिखे खास आयोजन
वाशिंगटन/टोरंटो:
अमेरिका और कनाडा में दीपावली का पर्व केवल घरों तक सीमित न रहकर शॉपिंग कॉरिडोर, मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों तक पहुंच चुका है। रविवार (8 नवंबर) को मुख्य दिवाली उत्सव से ठीक पहले पूरे उत्तर अमेरिका में संगीत, भव्य रोशनी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विशेष पकवानों के साथ उत्सव मनाया जा रहा है। अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में इस बार कई आयोजनों को “सेलिब्रेटिंग दिवाली इन अमेरिका 250” थीम से भी जोड़ा गया है।
अमेरिका में दिवाली के भव्य आयोजन
न्यू यॉर्क और न्यू जर्सी: न्यू यॉर्क के जैक्सन हाइट्स में स्ट्रीट फेयर के साथ न्यू जर्सी के ओक ट्री रोड पर 40 कलाकारों द्वारा अंग्रेजी में सचित्र रामलीला का मंचन किया गया। वहीं एडिसन के पापियानी पार्क में 1 लाख से अधिक रोशनियों, ड्रोन शो और आतिशबाजी का आयोजन रखा गया है। इसके अलावा जर्सी सिटी के एक्सचेंज प्लेस पर ‘दिवाली टुगेदर 2026’ का आयोजन किया गया है।
शिकागो और लॉस एंजिल्स: शिकागो के बार्टलेट स्थित बीएपीएस श्री स्वामीनारायण मंदिर में आतिशबाजी, साउंड शो और पारंपरिक ‘चोपड़ा पूजन’ (बही-खाता पूजन) की व्यवस्था की गई है। लॉस एंजिल्स के चिनो हिल्स मंदिर में अन्नकूट और गुजराती नव वर्ष के उपलक्ष्य में लाइट-एंड-साउंड शो व कार्निवल आयोजित किए जा रहे हैं।
सैन फ्रांसिस्को और वाशिंगटन: सैन फ्रांसिस्को में ‘इंडियन रेस्टोरेंट वीक’ के तहत भारतीय दूतावास के सहयोग से खास व्यंजन परोसे जा रहे हैं, जबकि वाशिंगटन के रेस्तरां में ‘गोल्ड लीफ बटर चिकन’ और ‘दौलत की चाट’ जैसे विशेष दिवाली मेन्यू पेश किए गए हैं।
कनाडा में भी दिखा जबरदस्त उत्साह
कनाडा में भी भारतीय समुदाय पूरे हर्षोल्लास के साथ दीपोत्सव मना रहा है। टोरंटो के मशहूर ‘जेरार्ड इंडिया बाजार’ में शनिवार को लाइव डीजे, डांस, फुलझड़ियों और आउटडोर मेले का आयोजन किया गया। मॉन्ट्रियल के रेस्तरां में लोगों के लिए एक खास ‘विश ट्री’ लगाया गया है, जहां लोग दिवाली की शुभकामनाएं लिख सकते हैं। इसके अलावा ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में मिठाइयों की जमकर खरीदारी देखने को मिल रही है।
वैश्विक स्तर पर रोशनी और मिठाइयों का यह पर्व अंधकार पर प्रकाश और अज्ञानता पर ज्ञान की जीत के रूप में विभिन्न समुदायों द्वारा धूमधाम से मनाया जा रहा है।

