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गठबंधन दल नेतन्याहू से दूर, लिबरमैन ने हरेदी ड्राफ्ट पर समझौता का संकेत; इजरायल में नई सरकार कब?

गठबंधन दल नेतन्याहू से दूर, लिबरमैन ने हरेदी ड्राफ्ट पर समझौता का संकेत; इजरायल में नई सरकार कब?

यरुशलम: इजरायल के 27 अक्टूबर 2026 के चुनाव के बाद राजनीतिक गतिरोध जारी है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दक्षिणपंथी-अल्ट्रा ऑर्थोडॉक्स गठबंधन को 53 सीटें मिलीं, जबकि गादी आइजेनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी ब्लॉक (याशर, बी’याचद, डेमोक्रेट्स और यिसराएल बेतेनू) को 48 सीटें मिलीं। अरब पार्टियों (जॉइंट लिस्ट और राआम) के पास 19 सीटें हैं। बहुमत के लिए 61 सीटें जरूरी हैं, इसलिए कोई भी पक्ष अकेला सरकार नहीं बना सकता।​

गठबंधन दलों की दूरी और नए समीकरण

नेतन्याहू के पारंपरिक सहयोगी अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स दलों में दरार साफ दिख रही है। यूनाइटेड तोराह जूडिज्म (UTJ, 7 सीटें) ने राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से सलाह-मशविरा के दौरान किसी भी उम्मीदवार का समर्थन नहीं किया और नेतन्याहू से दूरी बनाई। सूत्रों के मुताबिक UTJ का मानना है कि नेतन्याहू के साथ गठबंधन अब फायदेमंद नहीं रहा, खासकर जब उनके पास 61 सीटें नहीं हैं। शास (6 सीटें) ने अभी नेतन्याहू का समर्थन किया है, लेकिन दबाव बढ़ रहा है।​

सबसे बड़ा बदलाव यिसराएल बेतेनू के नेता अविग्दोर लिबरमैन का है। उन्होंने शुक्रवार (6 नवंबर) को कहा कि वे हरेदी (अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स) सैन्य भर्ती कानून पर समझौता करने को तैयार हैं। लिबरमैन के तीन ‘रेड लाइन्स’ हैं—नेतन्याहू का युग समाप्त होना चाहिए, नए चुनाव नहीं होने चाहिए, और अरब पार्टियों (जॉइंट लिस्ट या राआम) के समर्थन पर निर्भर सरकार नहीं बननी चाहिए। बाकी मुद्दों पर वे लचीलापन दिखा रहे हैं। इससे याशर (21), बी’याचद (12), डेमोक्रेट्स (8), यिसराएल बेतेनू (7) के साथ UTJ (7) और शास (6) मिलाकर ठीक 61 सीटों का रास्ता खुल सकता है—बिना नेतन्याहू और बिना अरब पार्टियों के।​

अरब पार्टियों ने आइजेनकोट का समर्थन किया है। राष्ट्रपति हर्जोग से सलाह-मशविरा में 67 सांसदों ने आइजेनकोट और 46 ने नेतन्याहू की सिफारिश की।

नई सरकार कब बनेगी?

राष्ट्रपति हर्जोग रविवार (8 नवंबर) को फैसला कर सकते हैं कि किसे सरकार बनाने का जिम्मा सौंपा जाए। आधिकारिक नतीजों के प्रकाशन के सात दिनों के अंदर (लगभग 11 नवंबर तक) यह फैसला होना है। जिसे मौका मिलेगा, उसे 28 दिन मिलेंगे (अधिकतम 14 दिन का विस्तार संभव, यानी कुल 42 दिन तक)।​

नई नेसेट 10 नवंबर को शपथ लेगी। अगर पहला प्रयास फेल हो जाता है तो दूसरे उम्मीदवार को मौका मिल सकता है। असफल रहने पर नए चुनाव की संभावना है, तब तक नेतन्याहू कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहेंगे।

अभी तीन मुख्य रास्ते दिख रहे हैं:

आइजेनकोट के नेतृत्व में यहूदी पार्टियों + हरेदी दलों का 61 सीट वाला गठबंधन (लिबरमैन के समझौते से संभव)।

अल्पमत सरकार, जिसमें अरब पार्टियों का बाहरी समर्थन (लिबरमैन इसका विरोध कर रहे हैं)।

व्यापक एकता सरकार (नेतन्याहू और विपक्ष के बीच), जो फिलहाल मुश्किल लग रही है।

राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि हरेदी ड्राफ्ट कानून पर समझौता और नेतन्याहू-विरोधी एकजुटता ही नई सरकार का फैसला करेगी। प्रक्रिया में कई हफ्ते लग सकते हैं।

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