रूसी पेट्रोलियम आयात बैन पर अमेरिकी कानून समीक्षा की बात बोले डोनाल्ड ट्रंप, नीति में बदलाव का ऐलान नहीं
रूसी पेट्रोलियम आयात बैन पर अमेरिकी कानून समीक्षा की बात बोले डोनाल्ड ट्रंप, नीति में बदलाव का ऐलान नहीं
वाशिंगटन:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी पेट्रोलियम के आयात पर लगे प्रतिबंध वाले अमेरिकी कानून पर सवाल उठाते हुए कहा है कि वह इसकी समीक्षा करेंगे। हालांकि, रूसी डीजल लेनदेन को लेकर अपने प्रशासन की मंजूरी पर खड़े हुए विवाद के बीच उन्होंने नीति में किसी तरह के बदलाव का ऐलान नहीं किया। दरअसल, तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा 2022 में पारित इस कानून को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने प्रतिक्रिया दी कि शायद यही बात इसे काफी खराब कानून बनाती है।
यह विवाद तब गहराया जब अमेरिकी ट्रेजरी के विदेशी संपत्ति कार्यालय ने 9 अक्टूबर को ‘जनरल लाइसेंस 135’ जारी किया। इसके तहत 7 अप्रैल 2027 तक रूसी डीजल की बिक्री, डिलीवरी और आयात से जुड़े कुछ लेनदेन को छूट दी गई है। हालांकि, 8 अप्रैल 2022 को बने संघीय कानून के मुताबिक, यूक्रेन युद्ध के बाद रूसी पेट्रोलियम उत्पादों के आयात पर सख्त रोक है और इसे हटाने के लिए राष्ट्रपति को संसद में प्रमाणन प्रक्रिया पूरी करनी होती है। ट्रेजरी की मंजूरी में इस कानूनी प्रक्रिया के पालन का कोई जिक्र नहीं है।
ट्रंप की टिप्पणी से ठीक पहले न्यू जर्सी की गवर्नर मिकी शेरिल ने 2 नवंबर को इस मंजूरी को चुनौती दी। उन्होंने बंदरगाह संचालकों को पत्र लिखकर चेतावनी दी कि ट्रंप प्रशासन द्वारा रूसी ईंधन को दी गई मंजूरी सीधे तौर पर संघीय कानून का उल्लंघन है। गवर्नर ने कहा कि सरकार को लाइसेंस के जरिए कानून दरकिनार करने का अधिकार नहीं है और न्यू जर्सी ऐसे किसी भी रूसी आयात का कड़ा विरोध करने के लिए कानूनी कदम उठाएगा।

