अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: सुप्रीम कोर्ट में चार्जशीट दाखिल, शीर्ष अदालत ने याचिकाओं का किया निपटारा
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: सुप्रीम कोर्ट में चार्जशीट दाखिल, शीर्ष अदालत ने याचिकाओं का किया निपटारा
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (2 नवंबर 2026) को उत्तर प्रदेश सरकार के उस बयान का संज्ञान लिया, जिसमें बताया गया कि अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी चार्जशीट (आरोपपत्र) दाखिल कर दी है। इसके बाद अदालत ने मामले से जुड़ी याचिकाओं का निपटारा करते हुए स्पष्ट किया कि अब स्थानीय अदालत इस मामले में आगे की कानूनी सुनवाई करेगी।
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के मुख्य बिंदु
एसआईटी की जांच में खुलासा: उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ को अवगत कराया कि एसआईटी की जांच के अनुसार यह चोरी मंदिर में चढ़ावे की रकम की गिनती के दौरान की गई थी।
चोरी की राशि का इस्तेमाल: सॉलिसिटर जनरल ने पीठ को बताया कि कुछ आरोपियों ने चोरी की गई रकम से अवैध संपत्तियां खरीदीं, जबकि अन्य आरोपियों ने इस राशि को बैंक खातों में जमा करा रखा था।
याचिकाकर्ताओं को अनुमति: सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के बयानों को ऑन-रिकॉर्ड लेते हुए, स्वतंत्र जांच की मांग लेकर पहुंचे याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे अयोध्या की स्थानीय अदालत में जारी सुनवाई के दौरान अदालत की सहायता कर सकते हैं।
गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं: शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि उसने इस गबन मामले के गुण-दोष (Merits) पर कोई टिप्पणी या राय व्यक्त नहीं की है।
मंदिर निर्माण की जमीन पर नई याचिका खारिज
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने उस नई याचिका पर विचार करने से साफ इनकार कर दिया, जिसमें यह तय करने का अनुरोध किया गया था कि मुख्य अयोध्या विवाद मामले के फैसले के अनुसार राम मंदिर का निर्माण उसी विवादित जमीन पर हुआ है या नहीं।
गौरतलब है कि इससे पहले 21 सितंबर को अदालत द्वारा गठित एसआईटी ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया था कि वह 25 सितंबर तक अपना पहला आरोपपत्र दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी कर लेगी, जिसके बाद आज सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाओं का निस्तारण कर दिया।

