पंजाब में AAP को बड़ा झटका: 3 बागी विधायक भाजपा में शामिल, 2027 चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज
पंजाब में AAP को बड़ा झटका: 3 बागी विधायक भाजपा में शामिल, 2027 चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा अपने 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करने के तुरंत बाद राज्य में बड़ा राजनीतिक उलटफेर हुआ है। आप के तीन विधायक—चेतन सिंह जौड़ामाजरा, हरमीत सिंह पठानमाजरा और पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह—सोमवार (2 नवंबर 2026) को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए हैं।
तीनों नेताओं ने भाजपा मुख्यालय पहुंचकर पार्टी की सदस्यता ली, जहां पंजाब भाजपा के कार्यकारी पदाधिकारियों व नेताओं ने उनका स्वागत किया।
तीनों बागी विधायकों का प्रोफाइल और राजनीतिक पृष्ठभूमि
1. चेतन सिंह जौड़ामाजरा (समाना सीट, पटियाला)
राजनीतिक सफर: 2022 के पंजाब चुनाव में उन्होंने समाना सीट से शिरोमणि अकाली दल के दिग्गज नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को हराकर बड़ी जीत दर्ज की थी।
मंत्री पद से हटना: भगवंत मान सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया था, लेकिन सितंबर 2024 में हुए मंत्रिमंडल फेरबदल के दौरान उन्हें हटा दिया गया, जिसके बाद से उनकी नाराजगी की खबरें आ रही थीं।
2. हरमीत सिंह पठानमाजरा (सनौर सीट, पटियाला)
राजनीतिक सफर: हरमीत ने अपना सियासी सफर अकाली दल और कांग्रेस से होते हुए आप में शुरू किया था। 2022 में उन्होंने अकाली दल के हरिंदर पाल सिंह चंदूमाजरा को बड़े अंतर से हराया था।
इस्तीफे का कारण: उन्होंने मान सरकार पर नशे के मुद्दे, बढ़ते कर्ज और शासन से जुड़ी चिंताओं पर नाकामी का आरोप लगाते हुए पार्टी से इस्तीफा दिया था।
3. कुंवर विजय प्रताप सिंह (अमृतसर उत्तर)
पूर्व IPS अधिकारी: पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह 2015 के कोटकपूरा और बहबल कलां गोलीकांड जांच टीम (SIT) के सदस्य रह चुके हैं। आईपीएस से वीआरएस लेने के बाद वे आम आदमी पार्टी में शामिल हुए और 2022 में विधायक बने।
इस्तीफा और दल-बदल: कुंवर विजय प्रताप सिंह ने सोमवार सुबह ही पंजाब विधानसभा की सदस्यता और आप की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा स्पीकर को सौंपा और दिल्ली पहुंचकर भाजपा का दामन थाम लिया।
भाजपा का स्वागत और AAP का पलटवार
भाजपा का दावा: पंजाब भाजपा नेतृत्व ने तीनों नेताओं का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि राज्य में आप का जनाधार बिखर रहा है और राज्य सरकार ने पिछले सालों में विकास के नाम पर जनता को केवल निराश किया है।
AAP की प्रतिक्रिया: आम आदमी पार्टी ने भाजपा के इस कदम पर तीखा हमला बोला और इसे “अस्वीकृत राजनीतिक चेहरों का जमावड़ा” करार दिया। साथ ही पार्टी ने दो विधायकों के खिलाफ दलबदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की बात भी कही है।

