अमित शाह का राहुल गांधी पर तीखा हमला, कहा—”SIR से voter list साफ होगी, घुसपैठियों के नाम हटेंगे”
अमित शाह का राहुल गांधी पर तीखा हमला, कहा—”SIR से voter list साफ होगी, घुसपैठियों के नाम हटेंगे”
विपक्षी दलों द्वारा दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर किए गए प्रदर्शन के जवाब में, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोमवार (2 नवंबर 2026) को हैदराबाद में एक विशाल राजनीतिक पदयात्रा और रैली के जरिए जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में निकली इस रैली में हजारों कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। मंच से अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों का सिलसिलेवार जवाब दिया और SIR को लोकतांत्रिक व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए बेहद जरूरी प्रक्रिया करार दिया।
राहुल गांधी के ’13 करोड़ वोट’ वाले दावे का गणित
रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी जनता के बीच भ्रामक आंकड़े फैला रहे हैं। 13 करोड़ प्रभावित मतदाताओं के दावे को खारिज करते हुए गृह मंत्री ने इसका पूरा गणित पेश किया:
6 करोड़ स्थानांतरित (Shifted) मतदाता: लगभग 6 करोड़ लोग ऐसे हैं जो अपना पुराना ठिकाना छोड़कर दूसरी जगहों पर बस चुके हैं। ऐसे अनुपस्थित लोगों के नाम सूची से हटाना स्वाभाविक और संवैधानिक प्रक्रिया है।
3 करोड़ मृत मतदाता: करीब 3 करोड़ नाम ऐसे लोगों के हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है। फर्जी मतदान रोकने के लिए मृत व्यक्तियों के नाम हटाना बेहद आवश्यक है।
1 करोड़ डुप्लीकेट नाम: लगभग 1 करोड़ मतदाताओं के नाम दोहरी या डुप्लीकेट एंट्री में दर्ज हैं। निष्पक्ष चुनाव के लिए एक व्यक्ति की केवल एक ही वोटर ID होनी चाहिए।
”3 करोड़ अवैध घुसपैठियों के नाम हटाए जाएंगे”
अमित शाह ने अवैध प्रवासियों और घुसपैठियों के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि लगभग 3 करोड़ नाम ऐसे दर्ज पाए गए हैं जो भारतीय नागरिक नहीं हैं और अवैध रूप से देश में रह रहे हैं।
गृह मंत्री ने कहा, “विपक्ष इन घुसपैठियों को बचाने के लिए SIR का विरोध कर रहा है, लेकिन हमारी सरकार देश की सुरक्षा और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया से समझौता नहीं करेगी। हम एक-एक अवैध घुसपैठिये की पहचान कर उनका नाम मतदाता सूची से बाहर करेंगे।”
”बिना SIR के भी 2014 और 2024 में भाजपा जीती थी”
राहुल गांधी के इस आरोप पर कि भाजपा केवल SIR की वजह से चुनाव जीतती है, अमित शाह ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि 2014 और 2019 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सत्ता में आई थी, तब कोई SIR नहीं लागू था।
उन्होंने आगे कहा कि 2024 के आम चुनावों के बाद महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली में भी जनता ने भाजपा की नीतियों पर मुहर लगाई है। गृह मंत्री ने दावा किया कि विपक्षी दल अपनी लगातार हार से हताश होकर संवैधानिक संस्थाओं पर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं।

