उत्तराखंड: केदारताल ट्रैक पर भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के बीच फंसे 8 लोग; SDRF-NDRF और ‘NIM’ का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
उत्तराखंड: केदारताल ट्रैक पर भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के बीच फंसे 8 लोग; SDRF-NDRF और ‘NIM’ का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
गंगोत्री हिमालय के बेहद दुर्गम केदारताल ट्रैक पर अचानक बदले मौसम और भारी बर्फबारी के कारण एक 12 सदस्यीय ट्रेकिंग दल दो हिस्सों में बंट गया था। समय रहते चार सपोर्टिंग स्टाफ को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन भोजखड़क से आगे बढ़े सात पर्यटक और एक गाइड भारी बर्फबारी व हिमस्खलन के बाद संपर्क से बाहर हो गए हैं। लगभग 15,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर चल रहा यह बचाव अभियान मौसम की बेरुखी के चलते बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
घटनाक्रम और अब तक की स्थिति
दल का बटना: पिछले हफ्ते गुरुवार को उच्च हिमालयी क्षेत्र में अचानक मौसम खराब होने और ग्लेशियर आने से ट्रैक बंद हो गया था। 30 अक्टूबर को फोन पर हुई बातचीत में ट्रेकर्स ने कच्ची ढांग के पास सुरक्षित होने की जानकारी दी और मदद मांगी थी।
बचाव दल की शुरुआती कोशिशें: एजेंसी द्वारा भेजी गई पोर्टर और गाइड की टीम ने करीब छह किलोमीटर तक बर्फ हटाकर रास्ता खोलने का प्रयास किया।
सुरक्षित निकाले गए लोग: प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से कच्ची ढांग के पास फंसे चार सपोर्टिंग स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में आ रही बाधाएं और उठाए गए कदम
15 हजार फीट से अधिक की ऊंचाई और अत्यधिक बर्फबारी के कारण बचाव दलों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है:
हवाई रेकी: रविवार को मौसम में आंशिक सुधार के बाद हेलीकॉप्टर से केदारताल और भोजखड़क क्षेत्र की दो बार हवाई रेकी की गई, लेकिन बर्फ से ढके इलाके में लापता ट्रेकर्स या उनके टेंट का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
विशेष टीमों की तैनाती: एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, वन विभाग और ट्रेकिंग एजेंसी के सदस्य लगातार खोजबीन में जुटे हैं। एसडीआरएफ मुख्यालय से विशेष पर्वतारोहण और हाई-एल्टीट्यूड उपकरणों से लैस विशेषज्ञ टीम को भी रवाना किया गया है।
’निम’ (NIM) की मदद: जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं के अनुसार, बार-बार खराब हो रहे मौसम को देखते हुए अब नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) की माउंटेनियरिंग टीम की मदद ली जा रही है। ‘निम’ की टीम हर्षिल पहुंच चुकी है और मौसम अनुकूल होते ही सोमवार को केदारताल के लिए अभियान को आगे बढ़ाएगी।

