सीजेआई सूर्यकांत ने विपक्षी दलों के नेताओं से मिलने से किया इनकार, राहुल गांधी के मार्च से पहले नया मोड़
सीजेआई सूर्यकांत ने विपक्षी दलों के नेताओं से मिलने से किया इनकार, राहुल गांधी के मार्च से पहले नया मोड़
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत ‘इंडिया’ (INDIA) ब्लॉक के अन्य विपक्षी नेताओं के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, जिसमें उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए मिलने का समय मांगा था। मुख्य न्यायाधीश ने ईमेल के माध्यम से स्पष्ट किया है कि जिन मामलों पर चर्चा की मांग की जा रही है, वे पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं, इसलिए इस तरह की औपचारिक मुलाकात उचित नहीं होगी।
इस घटनाक्रम और मुख्य बिंदुओं से जुड़ी खास बातें:
सीजेआई का स्पष्ट संदेश और न्यायिक प्रक्रिया:
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने अपने जवाब में रेखांकित किया कि संवैधानिक व्यवस्था के तहत सुप्रीम कोर्ट कार्यपालिका के प्रशासनिक कामकाज में सीधे दखल नहीं दे सकता।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विपक्षी नेता न्यायिक पक्ष के तहत याचिका दायर करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं, और एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े मामलों पर मंगलवार को तय सुनवाई के दौरान इन बिंदुओं पर विचार किया जा सकता है।
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च का ऐलान:
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने पहले ही घोषणा की थी कि वे सोमवार, 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे।
इस मार्च के जरिए मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपकर ‘वोट चोरी’ रोकने, एसआईआर प्रक्रिया को वापस लेने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जानी है।
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद सुप्रीम कोर्ट का रुख:
इससे पहले विपक्षी दलों के 10 नेताओं ने राष्ट्रपति भवन के सामने मार्च कर राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा था। अब मुख्य न्यायाधीश द्वारा मुलाकात का अनुरोध ठुकराए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में इस पर नई चर्चा शुरू हो गई है, हालांकि कांग्रेस पार्टी या राहुल गांधी की ओर से इस पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

