Friday, October 2, 2026
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बीजेपी का कर्नाटक सरकार पर बड़ा हमला: संबित पात्रा ने KPSC पेपर लीक में मंत्रियों और नेताओं के शामिल होने का लगाया आरोप

बीजेपी का कर्नाटक सरकार पर बड़ा हमला: संबित पात्रा ने KPSC पेपर लीक में मंत्रियों और नेताओं के शामिल होने का लगाया आरोप

​कर्नाटक की राजनीति में गुरुवार को उस वक्त भूचाल आ गया जब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर कर्नाटक पब्लिक सर्विस कमीशन (KPSC) परीक्षा में बड़े पैमाने पर पेपर लीक और भ्रष्टाचार का सनसनीखेज आरोप लगाया।

​बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि इस घोटाले में कर्नाटक सरकार के मंत्री और कांग्रेस के बड़े नेता शामिल हैं। बीजेपी का यह भी दावा है कि इसी बड़े घोटाले से जनता और मीडिया का ध्यान भटकाने के लिए डीके शिवकुमार और अन्य कांग्रेसी नेता जानबूझकर चुनाव आयोग पर हमला बोल रहे हैं।

​KPSC पेपर लीक घोटाले से जुड़े मुख्य खुलासे:

​पेपर लीक और स्टिंग ऑपरेशन: इसी साल 8 और 9 जनवरी को KPSC की परीक्षा आयोजित हुई थी, लेकिन आरोप है कि परीक्षा से ठीक एक दिन पहले ही पेपर लीक हो गया था। एस. मंजूनाथ नामक व्यक्ति ने स्टिंग ऑपरेशन के जरिए इसके सबूत जुटाए।

​पेन ड्राइव और बिचौलिए की भूमिका: आरोप है कि ज्ञानेंद्र कुमार नाम के व्यक्ति ने परीक्षा के प्रश्नपत्र पेन ड्राइव में लिए और बसवराज कन्नाले नामक बिचौलिए के जरिए छात्रों से संपर्क किया गया। शुरुआती मांग 80 लाख रुपये प्रति छात्र थी, जो बाद में 30 से 40 लाख रुपये में तय हुई।

​करोड़ों की वसूली और रिश्वत: शुरुआती दौर में 11 छात्रों से कुल 1 करोड़ 52 लाख रुपये वसूले गए और बाकी रकम के लिए पोस्ट-डेटेड चेक लिए गए। इस अवैध कमाई में से 1 करोड़ 30 लाख रुपये ज्ञानेंद्र कुमार को मिले, जिससे उसने 22 लाख रुपये का डायमंड नेकलेस जैसी ज्वेलरी खरीदी।

​रिजॉर्ट में ठहराव और परिणाम: बसवराज ने बेंगलुरु के बाहर एक रिजॉर्ट बुक कर पैसे देने वाले उम्मीदवारों को वहां ठहराया और उन्हें प्रश्न-उत्तर रटाए गए। 17 जुलाई को जब रिजल्ट आया, तो इन सभी संदिग्ध उम्मीदवारों का चयन हो गया।

​ईडी (ED) की रेड और हाईकोर्ट द्वारा एसआईटी (SIT) का गठन:

​यह मामला सामने आने के बाद पहले कर्नाटक सरकार ने जांच सीआईडी (CID) को सौंपी, जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भी एंट्री हुई।

​ED की छापेमारी में पुख्ता सबूत हाथ लगे हैं और पैसे देकर परीक्षा पास करने वाले 10 छात्र अब ‘एप्रूवर’ (गवाह) बन चुके हैं।

​मामले की गंभीरता को देखते हुए अब उच्च न्यायालय (High Court) ने इसकी जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है।

​बीजेपी का कांग्रेस पर तीखा प्रहार:

​संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और कर्नाटक को ‘रिश्वत का एटीएम’ बना दिया है। चूंकि इस पूरे रैकेट में सरकार के बड़े मंत्री और नेता लिप्त हैं, इसलिए सरकार इस मामले को दबाने की पूरी कोशिश कर रही है।

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