दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ सख्त कदम: 100 फीट ऊंचे तिरंगा पोल पर लगेंगे PTZ कैमरे, ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नियम लागू
दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ सख्त कदम: 100 फीट ऊंचे तिरंगा पोल पर लगेंगे PTZ कैमरे, ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नियम लागू
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण से मुकाबले और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन ने कड़े और आधुनिक कदम उठाए हैं। प्रदूषण नियंत्रण की इस मुहिम के तहत अब शहर में हाई-टेक तकनीक और कड़े नियमों का सहारा लिया जा रहा है।
प्रमुख अपडेट और खास बातें:
तिरंगा पोल पर लगेंगे PTZ कैमरे: दिल्ली में प्रदूषण और आग-धुएं पर नजर रखने के लिए 100 फीट ऊंचे तिरंगा पोल्स पर PTZ (पैन-टिल्ट-जूम) कैमरे लगाए जाएंगे। कनॉट प्लेस सहित अन्य प्रमुख जगहों पर ऐसे कुल 100 कैमरे लगाने की तैयारी है।
कैमरों की खासियत: ये मोटराइज्ड वीडियो डिवाइस 1 से 4 किलोमीटर के दायरे में दिन-रात आग, धुएं और निर्माण कार्यों (कॉन्स्ट्रक्शन साइट्स) की स्पष्ट निगरानी करने में सक्षम होंगे।
इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने अत्याधुनिक कमांड सेंटर का उद्घाटन किया है। इस सेंटर से 30 से अधिक विभाग जुड़े हैं, जो AI कैमरों और ‘वायु प्रहरी’ टीमों के जरिए शहर की 760 से ज्यादा निर्माण साइट्स और हॉटस्पॉट पर रियल-टाइम नजर रखेंगे।
’नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नियम आज (1 अक्टूबर) से लागू
दिल्ली में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए आज से ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ (No PUC No Fuel) नियम को कड़ाई से लागू कर दिया गया है:
ईंधन नहीं मिलेगा: दिल्ली के 500 से अधिक पेट्रोल पंपों पर अब बिना वैध प्रदूषण सर्टिफिकेट (PUC) के वाहनों को पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जाएगा।
सख्त कार्रवाई: पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने स्पष्ट किया है कि यदि वाहन का पीयूसी समाप्त हो चुका है, तो ईंधन न मिलने के साथ-साथ गाड़ी जब्त भी की जा सकती है।
जनभागीदारी: सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें। साथ ही, प्रदूषण फैलाने वाली जगहों की जानकारी देने वाले नागरिकों को सम्मानित भी किया जाएगा।
