केदारनाथ-बासुकीताल ट्रैक रूट पर लापता हुए पांचों ट्रैकर सुरक्षित, प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से टली चिंता
केदारनाथ-बासुकीताल ट्रैक रूट पर लापता हुए पांचों ट्रैकर सुरक्षित, प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से टली चिंता
केदारनाथ-बासुकीताल ट्रैक रूट से ऑडिन कोल के रास्ते गंगोत्री जा रहे पांच ट्रैकर्स का संपर्क टूटने से हड़कंप मच गया था, लेकिन राहत की खबर है कि सभी ट्रैकर पूरी तरह सुरक्षित हैं। बुधवार को जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC) रुद्रप्रयाग द्वारा इसकी पुष्टि कर दी गई है, जिससे परिजनों और प्रशासन ने बड़ी राहत की सांस ली है।
क्या था पूरा मामला?
यशवंत सिंह चौहान ने DEOC रुद्रप्रयाग को सूचना दी थी कि उनके भाई प्रवेश चौहान अपने पांच साथियों के साथ 25 सितंबर को केदारनाथ-बासुकीताल ट्रैक पर निकले थे और उनका आगे का रूट ऑडिन कोल होते हुए गंगोत्री का था। कई दिनों तक कोई संपर्क न हो पाने के कारण परिजनों की चिंता बढ़ गई थी और उन्होंने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई थी।
प्रशासन की त्वरित और समन्वित कार्रवाई
सूचना मिलते ही DEOC रुद्रप्रयाग ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए पुलिस नियंत्रण कक्ष, वन्यजीव प्रभाग गोपेश्वर (DFO) और 40वीं वाहिनी PAC हरिद्वार के साथ समन्वय स्थापित किया और ट्रैकिंग दल के संभावित मार्गों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी।
दल में शामिल सदस्य और सुरक्षित वापसी
प्रशासन की जांच में सामने आया कि इस ट्रैकिंग दल में निम्नलिखित सदस्य शामिल थे:
प्रवेश चौहान (फॉरेस्टर, वन विभाग उत्तरकाशी)
अमित फर्सवाण
नवीन रावत
विवेक
संजय सिंह रावत
बुधवार सुबह करीब 11:45 बजे DEOC ने जब सूचना देने वाले यशवंत चौहान से दोबारा संपर्क किया, तो उन्होंने बताया कि दल के सभी सदस्यों से संपर्क हो गया है और वे सुरक्षित हैं। असल में यह ट्रैकर्स गंगी-घुत्तू (टिहरी) की ओर आगे निकल गए थे, जिसके कारण नेटवर्क न होने की वजह से संपर्क टूट गया था। सभी के सुरक्षित मिलने पर प्रशासन और परिजनों ने संतोष जताया है।
