उत्तराखंड

उत्तराखंड वक्फ बोर्ड का बड़ा दावा: कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ चलेगा अभियान, चेयरमैन शादाब शम्स ने दी चेतावनी

उत्तराखंड वक्फ बोर्ड का बड़ा दावा: कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ चलेगा अभियान, चेयरमैन शादाब शम्स ने दी चेतावनी

​उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चेयरमैन शादाब शम्स ने राज्य में वक्फ संपत्तियों और कब्रिस्तानों की जमीनों पर हुए अवैध कब्जों को लेकर गंभीर बयान दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि पिछली सरकारों के संरक्षण और तुष्टीकरण की राजनीति के कारण वक्फ की जमीनों पर बड़े पैमाने पर कब्जे किए गए हैं।

​प्रमुख बयान और आरोप:

​देहरादून के आजादनगर में कब्जा: शम्स के मुताबिक, देहरादून के सहस्त्रधारा क्रॉसिंग के पास स्थित आजादनगर कॉलोनी में सैकड़ों लोग कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जा करके रह रहे हैं, जिनमें ज्यादातर लोग बिजनौर से आए हुए हैं।

​कब्रिस्तानों की बदहाली: उन्होंने तीखा बयान देते हुए कहा कि कब्रिस्तानों पर हो रहे कब्जों के कारण आज स्थिति यह हो गई है कि एक शव को दफनाने पर दूसरे की हड्डियां बाहर आ जाती हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन जमीनों पर मुख्य रूप से मुसलमानों द्वारा ही कब्जे किए गए हैं।

​पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना: वक्फ चेयरमैन ने आरोप लगाया कि राजनीतिक तुष्टीकरण के कारण लंबे समय तक इन अवैध कब्जों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के एक सांसद समेत कई अन्य लोगों को भी इस संबंध में वक्फ बोर्ड की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं।

​सख्त कार्रवाई और अभियान:

​प्रशासनिक सहयोग: शम्स ने बताया कि उत्तराखंड के विभिन्न जिलों (विशेषकर हरिद्वार और देहरादून) में जिलाधिकारियों के समन्वय से अवैध कब्जों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है।

​कब्जा छोड़ने की चेतावनी: वक्फ चेयरमैन ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अवैध कब्जाधारी सम्मान के साथ खुद जमीन खाली कर दें, अन्यथा धामी सरकार के तहत उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि ऐसे लोगों की ‘उल्टी गिनती’ शुरू हो चुकी है।

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