CIA ने 9/11 की 25वीं बरसी पर जारी किए ओसामा बिन लादेन और अल-कायदा से जुड़े दर्जनों गोपनीय दस्तावेज, विमान हमले की चेतावनी सालों पहले दी गई थी
CIA ने 9/11 की 25वीं बरसी पर जारी किए ओसामा बिन लादेन और अल-कायदा से जुड़े दर्जनों गोपनीय दस्तावेज, विमान हमले की चेतावनी सालों पहले दी गई थी
वाशिंगटन: अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने शुक्रवार को 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों की 25वीं बरसी पर ओसामा बिन लादेन और अल-कायदा से जुड़े दर्जनों गोपनीय राष्ट्रपति दैनिक ब्रीफ (Presidential Daily Briefs) सार्वजनिक कर दिए। ये दस्तावेज 1998 से 12 सितंबर 2001 तक के हैं और इन्हें तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन तथा जॉर्ज डब्ल्यू. बुश को दी गई थी।
सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने इसे “असाधारण पारदर्शिता का कार्य” बताया और कहा कि यह एजेंसी द्वारा 9/11 से जुड़े विश्लेषणों का अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक प्रकाशन है। कुल करीब 71 दस्तावेज जारी किए गए, जिनमें से अधिकांश पहले कभी सार्वजनिक नहीं हुए थे।
इन रिपोर्टों से पता चलता है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को सालों पहले ही बिन लादेन और अल-कायदा की मंशा का अंदाजा था। फरवरी 1998 की एक ब्रीफिंग में बिन लादेन और अन्य चरमपंथियों द्वारा रासायनिक, जैविक और परमाणु पदार्थों की तलाश का जिक्र था। जुलाई 1998 में कहा गया कि बिन लादेन अमेरिका में हमले को उच्च प्राथमिकता दे सकता है।
सबसे चौंकाने वाली चेतावनी 10 सितंबर 1998 की ब्रीफ में थी। इसमें लिखा गया कि बिन लादेन का पसंदीदा विकल्प “अमेरिका की धरती पर वाशिंगटन में हमला करना” है और अल-कायदा “विस्फोटकों से भरे विमान को किसी अमेरिकी शहर में गिरा सकती है।” दिसंबर 1998 में भी विमान अपहरण और अमेरिका में हमलों की तैयारी का जिक्र था।
हमले से ठीक एक महीने पहले 6 अगस्त 2001 को बुश प्रशासन को दी गई प्रसिद्ध ब्रीफ “Bin Ladin Determined To Strike in US” भी इसमें शामिल है। इसमें कहा गया था कि बिन लादेन अमेरिका में हमला करने के लिए प्रतिबद्ध है और देश के अंदर संदिग्ध गतिविधियां देखी जा रही हैं।
दस्तावेजों में बिन लादेन की आवाजाही, फंडिंग नेटवर्क, तालिबान से संबंध और संभावित लक्ष्यों के बारे में लगातार अपडेट दिए गए। हालांकि, सीआईए ने खुद माना कि उपलब्ध जानकारी अक्सर अधूरी, अस्पष्ट और अपूर्ण थी। कई जगहों पर संवेदनशील स्रोतों की सुरक्षा के लिए रेडैक्शन (काट-छांट) भी की गई है।
9/11 हमलों में करीब 3,000 लोग मारे गए थे। दो विमान वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से टकराए, एक पेंटागन से और चौथा पेंसिलवेनिया में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इन नए दस्तावेजों से यह और साफ हो गया है कि खुफिया एजेंसियों ने खतरे की चेतावनी दी थी, लेकिन सटीक समय, तरीका और लक्ष्य की पूरी तस्वीर नहीं बन पाई थी।
सीआईए ने इन दस्तावेजों को एजेंसी की वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दिया है।
