Saturday, September 12, 2026
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बिहार एमएलसी चुनाव: प्रत्याशियों की सूची पर रोहिणी आचार्य ने उठाए सवाल, कहा— “अवसरवादी चेहरों को प्राथमिकता देना समर्पित कार्यकर्ताओं का अनादर”

बिहार एमएलसी चुनाव: प्रत्याशियों की सूची पर रोहिणी आचार्य ने उठाए सवाल, कहा— “अवसरवादी चेहरों को प्राथमिकता देना समर्पित कार्यकर्ताओं का अनादर”

​बिहार विधान परिषद स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन-2026 के लिए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) द्वारा अपने 6 अधिकृत प्रत्याशियों की सूची जारी किए जाने के बाद पार्टी के भीतर सुगबुगाहट तेज हो गई है। इस बीच, पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य का कड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर प्रत्याशियों के चयन प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं और पार्टी नेतृत्व पर अवसरवादी चेहरों को त तरजीह देने का गंभीर आरोप लगाया है।

​रोहिणी आचार्य ने ‘एक्स’ पर क्या लिखा?

​रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में पार्टी के भीतर निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अनदेखी किए जाने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने लिखा:

​”वैचारिक निष्ठा और लंबे संघर्ष को दरकिनार कर ऐन चुनाव (विधान परिषद चुनाव) से पहले आए अवसरवादी चेहरों को प्राथमिकता देना समर्पित नेताओं-कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों का घोर अनादर है। दशकों तक लाठियां खाकर पार्टी और संगठन को सींचने वाले नेताओं को दरकिनार करना राजद के आंतरिक लोकतंत्र और जमीनी कैडर के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। यह निर्णय न केवल निष्ठावान लालूवादियों के साथ वादाखिलाफी है, बल्कि लालू जी की विचारधारा, पार्टी के मूल सिद्धांतों और संगठन की मजबूती पर भी गहरा आघात है।”

​हाल ही में सरकार की नीतियों पर भी उठाए थे सवाल

​रोहिणी आचार्य सोशल मीडिया के जरिए लगातार जनहित और राजनीतिक मुद्दों पर मुखर होकर अपनी राय रखती रही हैं। हाल ही में उन्होंने बिहार में बाढ़ और किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा था:

​फसल सहायता राशि को बताया नाकाफी: उन्होंने कहा था कि सरकार डीबीटी (DBT) पोर्टल के माध्यम से राहत राशि देने का दावा करती है, लेकिन बढ़ती महंगाई और खेती की लागत को देखते हुए यह सहायता “ऊँट के मुँह में जीरा” साबित होती है।

​अफसरशाही और भ्रष्टाचार पर तंज: रोहिणी ने सर्वेक्षण, सत्यापन की धीमी रफ्तार और कागजी औपचारिकताओं में फैले भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए कहा था कि इसकी वजह से कई वास्तविक और बटाईदार किसान सहायता से वंचित रह जाते हैं।

​इसके अलावा, इससे पहले भी रोहिणी आचार्य ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव के प्रति अपने भावनात्मक जुड़ाव को साझा करते हुए एक पोस्ट में लिखा था— “आपको बाय कहना मेरे लिए कभी आसान नहीं होता।”

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