उत्तराखंड

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में भारी बारिश का तांडव: आदि कैलाश मार्ग पर लैंडस्लाइड, बाढ़ में बहा 170 फीट लंबा कुलागाड़ बैली ब्रिज

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में भारी बारिश का तांडव: आदि कैलाश मार्ग पर लैंडस्लाइड, बाढ़ में बहा 170 फीट लंबा कुलागाड़ बैली ब्रिज

​उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में भारी बारिश, लगातार हो रहे भूस्खलन (लैंडस्लाइड) और बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। धारचूला के ऊंचाई वाले इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश के चलते उफनती नदी में कुलागाड़ बैली ब्रिज बह गया है, जिससे चीन सीमा और तीन प्रमुख घाटियों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है।

​प्रमुख घटनाएं और नुकसान:

​कुलागाड़ बैली ब्रिज का बहना:

​धारचूला के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद कुलागाड़ नदी में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे 170 फीट लंबा बैली ब्रिज बह गया।

​इस पुल का निर्माण हाल ही में 27 अगस्त को ही युद्धस्तर पर पूरा किया गया था और 28 अगस्त से इस पर यातायात शुरू हुआ था।

​पुल के बहने से व्यास, दारमा और चौदास घाटियों के साथ-साथ चीन सीमा से जुड़ा संपर्क शेष दुनिया से कट गया है।

​आदि कैलाश मार्ग पर लैंडस्लाइड और बोल्डरों की बारिश:

​शुक्रवार को धारचूला के आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर गस्कू के पास अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा गिरने लगा, जिससे यातायात ठप हो गया।

​बीआरओ (BRO) की टीम ने कड़ी मशक्कत और मशीनों की मदद से मलबा हटाया, लेकिन लगातार गिरते पत्थरों के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी रही। गस्कू के अलावा कुलागाड़, एलागाड़ और मलघाट में भी सड़क मार्ग प्रभावित हुए हैं।

​प्रशासनिक कदम और सुरक्षा निर्देश:

​मार्ग बंद: सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने धारचूला-तवाघाट-गुंजी मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी है और लोगों को यात्रा न करने की सलाह दी है।

​प्रभावित सड़कें: जिले भर में बारिश के कारण वर्तमान में लगभग एक दर्जन सड़कें बंद हैं।

​प्रशासन की अपील: जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर ने बताया कि अवरुद्ध मार्गों को खोलने के लिए संबंधित विभाग लगातार युद्धस्तर पर प्रयास कर रहे हैं। साथ ही, प्रशासन ने खराब मौसम और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और सतर्कता बरतने की अपील की है।

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