उत्तर कोरिया ने दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें: अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के सैन्य अभ्यास के बाद कोरियाई प्रायद्वीप में फिर बढ़ा तनाव
उत्तर कोरिया ने दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें: अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के सैन्य अभ्यास के बाद कोरियाई प्रायद्वीप में फिर बढ़ा तनाव
अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान के पांच दिवसीय संयुक्त सैन्य अभ्यास की समाप्ति के तुरंत बाद उत्तर कोरिया ने एक बार फिर आक्रामक रुख अपनाते हुए समुद्र की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दी हैं। इस घटना के बाद से कोरियाई प्रायद्वीप में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर गहरा गया है।
घटना से जुड़े मुख्य बिंदु:
वोनसान क्षेत्र से लॉन्च: दक्षिण कोरियाई सेना के अनुसार, इन मिसाइलों को उत्तर कोरिया के पूर्वी तटीय शहर वोनसान क्षेत्र से समुद्र की दिशा में लॉन्च किया गया था।
त्रिपक्षीय सुरक्षा निगरानी: इस मिसाइल परीक्षण के बाद दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान ने अपनी सुरक्षा निगरानी को और अधिक मजबूत कर दिया है तथा आपस में खुफिया जानकारी साझा करना तेज कर दिया है।
अमेरिका की प्रतिक्रिया: अमेरिकी प्रशांत कमांड (U.S. Pacific Command) ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल इस मिसाइल प्रक्षेपण से अमेरिका या उसके क्षेत्रीय सहयोगियों को कोई तत्काल खतरा नहीं है, फिर भी अमेरिका क्षेत्र में शांति और अपने सहयोगियों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सैन्य अभ्यास और उत्तर कोरिया की नाराजगी:
’फ्रीडम एज’ अभ्यास: हाल ही में संपन्न हुआ पांच दिवसीय ‘फ्रीडम एज’ (Freedom Edge) सैन्य अभ्यास पूरी तरह से रक्षात्मक प्रकृति का था, जिसका उद्देश्य उत्तर कोरिया की ओर से मिलने वाले परमाणु खतरों के खिलाफ तीनों देशों की संयुक्त प्रतिक्रिया क्षमता को परखना और मजबूत करना था।
उत्तर कोरिया का विरोध: उत्तर कोरिया इन त्रिपक्षीय सैन्य अभ्यासों को हमेशा से अपने खिलाफ उकसावे की कार्रवाई और सुरक्षा खतरा मानता रहा है। अभ्यास शुरू होने के तुरंत बाद उत्तर कोरियाई रक्षा मंत्री किम सोंग गी ने इसके कड़े जवाब देने की चेतावनी दी थी।
सिलसिलेवार परीक्षण: इससे पहले गत 20 अगस्त को भी उत्तर कोरिया ने समुद्र की ओर मिसाइल परीक्षण किए थे, जो ऐसे समय में हुए थे जब अमेरिकी नेतृत्व के साथ कूटनीतिक चर्चाओं की सुगबुगाहट चल रही थी।
