दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार की पीट-पीटकर हत्या, 7 आरोपी गिरफ्तार; नाबालिग भी हिरासत में
दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार की हत्या
दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार की पीट-पीटकर हत्या, 7 आरोपी गिरफ्तार; नाबालिग भी हिरासत में
शोर-शराबे का विरोध करने पर विवाद
दिल्ली के किलोकरी गांव में 54 वर्षीय मणिपुरी संगीतकार और संगीत शिक्षक चोंगथम विक्रम सिंह की कथित तौर पर पीटकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि रविवार देर रात घर के बाहर हो रहे शोर-शराबे का विरोध करने के बाद आठ लोगों का एक समूह उनका पीछा करते हुए तीसरी मंजिल तक पहुंचा और अपार्टमेंट के कॉरिडोर में उनके साथ मारपीट की। गंभीर रूप से घायल विक्रम सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई।
पुलिस ने मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 15 वर्षीय एक किशोर को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई।
कूड़ा फेंकने नीचे आए थे विक्रम सिंह
घटना रविवार रात करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। मणिपुरी सामाजिक कार्यकर्ता बी. रुचिदा शर्मा के अनुसार, विक्रम सिंह अपने फ्लैट से कूड़ा फेंकने के लिए नीचे आए थे। इसी दौरान उन्होंने घर के पास दो ढाबों से जुड़े कुछ कर्मचारियों को कथित तौर पर शोर-शराबा करते देखा और इसका विरोध किया।
इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि जब विक्रम सिंह वापस अपने घर की ओर जाने लगे तो समूह ने उनका पीछा किया और तीसरी मंजिल तक पहुंचकर कॉरिडोर में उनके साथ मारपीट की। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
सीसीटीवी में नजर आए आठ लोग
पूर्व मणिपुर मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इमारत का सीसीटीवी फुटेज साझा कर मामले की पूरी जांच की मांग की। फुटेज में आठ लोगों को सीढ़ियों से नीचे आते हुए देखा जा सकता है। बताया गया है कि यह वीडियो कथित घटना के बाद का है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, सोमवार तड़के 1:38 बजे घटना की सूचना मिली। विक्रम सिंह के बेटे याइफाबा चोंगथम उन्हें इलाज के लिए ओखला स्थित एक निजी अस्पताल ले गए, जहां सुबह करीब 7 बजे उनकी मौत हो गई।
17 वर्षों से दिल्ली में सिखा रहे थे संगीत
विक्रम सिंह अपनी पत्नी जोशना चोंगथम और 20 वर्षीय बेटे के साथ किलोकरी गांव में रहते थे। वह मणिपुर के जाने-माने गिटारवादक और संगीत शिक्षक थे और करीब 17 वर्षों से दिल्ली में निजी तौर पर संगीत सिखा रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भारत कुमार (19), प्रमोद (26), रमजान खान (22), विजय (36), दीपांशु (21), मोहन विश्वकर्मा (32) और मन्नू (26) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि इनमें से कुछ आरोपी पास के ढाबों में डिलीवरी और पैकेजिंग का काम करते थे, जबकि मन्नू एक पिज्जा कियोस्क में काम करता था।
मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है।
कांग्रेस नेताओं ने भी जताया विरोध
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि घटना को केवल नशे में हुई हिंसा की घटना मानकर खारिज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर शोर-शराबे और नियमों की अनदेखी को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भी विक्रम सिंह की मौत पर शोक जताते हुए परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद व्यक्त की।
न्याय की मांग को लेकर कैंडल मार्च
विक्रम सिंह की मौत के बाद सोमवार शाम किलोकरी गांव में करीब 100 लोग जुटे। लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई और परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। विक्रम सिंह की मौत से मणिपुरी समुदाय और संगीत जगत में भी शोक का माहौल है।

