फारूक अब्दुल्ला का विवादित बयान: बोले- “पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठा रहा है, इसलिए लोग बचे हुए हैं”
फारूक अब्दुल्ला का विवादित बयान: बोले- “पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठा रहा है, इसलिए लोग बचे हुए हैं”
जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने बारामुला में एक कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए एक विवादित बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान द्वारा अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीरियों का मुद्दा उठाए जाने के कारण ही आज जम्मू-कश्मीर के लोग बचे हुए हैं, वरना कश्मीरियों के प्रति भारत के इरादे सही नहीं हैं।
फारूक अब्दुल्ला के संबोधन के मुख्य बिंदु:
पाकिस्तान और भारत को लेकर बयान: फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि पाकिस्तान कई जगहों पर जाकर कश्मीरियों के बारे में बात कर रहा है, और इसी वजह से यहाँ के लोग सुरक्षित हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान ऐसा न करे, तो भारत के इरादे कश्मीरियों के प्रति ठीक नहीं हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र और बॉन्ड पॉलिसी पर सवाल: उन्होंने जम्मू-कश्मीर के मौजूदा प्रशासन को घेरते हुए कहा कि यहां मेडिकल छात्रों को पढ़ाई के बाद दो साल तक अस्पतालों में सेवा देनी होती है, और ऐसा न करने पर 40 लाख रुपये का जुर्माना देना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संबंध में फाइल पिछले एक साल से उपराज्यपाल के पास लंबित है लेकिन कोई फैसला नहीं लिया गया है।
स्वायत्तता और संस्थानों की शक्तियां खत्म करने का आरोप: मेडिकल संस्थानों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पहले निदेशक और समिति तय करती थी कि कौन से उपकरण खरीदने हैं और डॉक्टरों की नियुक्ति कैसे करनी है, लेकिन मौजूदा व्यवस्था ने वह स्वायत्तता खत्म कर दी है।
जनता से अधिकार के लिए खड़े होने की अपील: दिल्ली सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि वहां से न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे अपने हक के लिए आवाज उठाएं और डटकर मुकाबला करें, अन्यथा पहचान मिट जाएगी। उन्होंने कहा कि हम देश के साथ आगे बढ़ेंगे और बलिदान भी देंगे, लेकिन सत्ता में बैठे लोगों को खुद में सुधार करना चाहिए।

