देहरादून में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन: खड़गे की सभा के बाद ‘शुद्धिकरण’ विवाद और राहुल गांधी पर दर्ज FIR के खिलाफ सचिवालय कूच
देहरादून में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन: खड़गे की सभा के बाद ‘शुद्धिकरण’ विवाद और राहुल गांधी पर दर्ज FIR के खिलाफ सचिवालय कूच
देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस ने हल्द्वानी में एआईसीसी (AICC) अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ प्रकरण और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर के विरोध में मंगलवार को राजधानी देहरादून में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ उग्र नारेबाजी करते हुए सचिवालय का घेराव करने की कोशिश की।
सचिवालय कूच और पुलिस के साथ तीखी झड़प
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता राजपुर रोड स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर एकत्र हुए। वहां से कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर उत्तराखंड सचिवालय की ओर मार्च (सचिवालय कूच) निकाला।
बैरिकेडिंग और हिरासत: पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सचिवालय से पहले ही भारी पुलिस बल तैनात कर रखा था और कड़े बैरिकेड्स लगाए थे। जब कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया, तो पुलिस के साथ उनकी तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
क्या है पूरा विवाद?
’शुद्धिकरण’ अनुष्ठान का आरोप: 8 अगस्त को हल्द्वानी के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की एक जनसभा आयोजित की गई थी। आरोप है कि सभा समाप्त होने के बाद वहां कथित रूप से ‘शुद्धिकरण’ अनुष्ठान कराया गया। कांग्रेस ने इसे दलित समुदाय का घोर अपमान और अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष की गरिमा पर हमला करार दिया है।
राहुल गांधी पर FIR का विरोध: इस कथित घटना पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त किए जाने के बाद उनके खिलाफ हल्द्वानी में एफआईआर दर्ज कराई गई है। कांग्रेस का आरोप है कि राज्य सरकार द्वेषभावना से काम कर रही है और दलित सम्मान की आवाज उठाने पर विपक्ष को दबाने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि भाजपा सरकार में दलितों और शोषित वर्ग के नेताओं का लगातार अपमान किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक राहुल गांधी पर दर्ज झूठी एफआईआर वापस नहीं ली जाती और शुद्धिकरण के दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक कांग्रेस का यह आंदोलन प्रदेश भर में जारी रहेगा।
