होर्मुज संकट पर बढ़ा तनाव, ईरान ने अमेरिकी ड्रोन गिराने और यूएई-जॉर्डन में हमलों का किया दावा
होर्मुज संकट पर बढ़ा तनाव, ईरान ने अमेरिकी ड्रोन गिराने और यूएई-जॉर्डन में हमलों का किया दावा
तेहरान: होर्मुज स्ट्रेट के पास स्थित लारक द्वीप पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। इसी बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कई जवाबी कार्रवाइयों का दावा किया है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर अमेरिकी एमक्यू-9 ड्रोन को मार गिराने, यूएई के अल मिनहाद एयर बेस और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया है।
सुपरटैंकर में बारूदी सुरंग से टकराने का दावा
IRGC ने सोमवार को दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी मार्ग से गुजर रहे एक सुपरटैंकर में दो समुद्री बारूदी सुरंगों से टकराने के बाद आग लग गई और उसे रोकना पड़ा। ईरानी सरकारी टेलीविजन के मुताबिक, टैंकर ने जलडमरूमध्य में आवाजाही से जुड़े सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया था।
IRGC नौसेना ने अन्य जहाजों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में उसके निर्देशों और सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी है। ईरान ने हाल के दिनों में स्ट्रेट से होकर होने वाले जहाजों के आवागमन पर काफी हद तक रोक लगाई है।
वैकल्पिक समुद्री मार्गों को ईरान ने बताया ‘अवैध’
कुछ जहाज ओमान के तट के करीब से गुजरने वाले वैकल्पिक समुद्री मार्गों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ईरान इन रास्तों को ‘अनधिकृत’ और ‘अवैध’ बताते हुए जहाजों को इनका इस्तेमाल न करने की चेतावनी देता रहा है।
IRGC ने शिपिंग कंपनियों से अमेरिकी सेना के कथित उकसावे में न आने और अपने जहाजों तथा चालक दल को अनावश्यक खतरे में न डालने को कहा है।
यूएई के अल मिनहाद एयर बेस पर ड्रोन हमले का दावा
ईरानी सेना ने सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात के अल मिनहाद एयर बेस पर ड्रोन हमले का दावा किया। ईरान के मुताबिक, इस हमले में उन इलाकों को निशाना बनाया गया जहां अमेरिकी हेलीकॉप्टर और सैन्यकर्मी तैनात हैं। ईरानी सेना ने हमले में दर्जनों ड्रोन के इस्तेमाल का दावा किया है।
ईरान ने इसे लारक द्वीप पर अमेरिका की ओर से की गई कार्रवाई का जवाब बताया है। ईरान के अनुसार, लारक द्वीप पर हुए अमेरिकी हमले में सैन्यकर्मियों और आम नागरिकों के मारे जाने और घायल होने की बात सामने आई थी।
जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर भी हमले का दावा
IRGC ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से संयुक्त हमला करने का भी दावा किया है। ईरानी समाचार एजेंसी फार्स के मुताबिक, IRGC ने किंग हुसैन और अल-अजराक स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही।
IRGC का दावा है कि हमलों में तकनीकी और रखरखाव से जुड़े ढांचे तथा उन स्थानों को निशाना बनाया गया जहां लड़ाकू विमान तैनात थे। ईरान ने इन हमलों को लारक द्वीप पर अमेरिकी कार्रवाई की जवाबी कार्रवाई बताया है।
होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर अमेरिकी एमक्यू-9 ड्रोन गिराने का दावा
ईरान की IRGC ने यह भी दावा किया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने सोमवार तड़के होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर उड़ रहे अमेरिका के लंबी दूरी वाले एमक्यू-9 ड्रोन को मिसाइल से मार गिराया।
IRGC के मुताबिक, ड्रोन निष्क्रिय होकर खाड़ी के पानी में जा गिरा। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
लारक द्वीप पर अमेरिका की कार्रवाई के बाद बढ़ा तनाव
यह पूरा घटनाक्रम रविवार रात अमेरिका की ओर से लारक द्वीप पर की गई कार्रवाई के बाद सामने आया है। IRGC के अनुसार, अमेरिका ने द्वीप पर मौजूद उसके दो रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया था। ईरान का दावा है कि इस हमले में कई सैन्यकर्मी और आम नागरिक मारे गए या घायल हुए।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। यहां जहाजों की आवाजाही में बड़ा व्यवधान पैदा होने पर वैश्विक तेल आपूर्ति और ऊर्जा बाजार पर गंभीर असर पड़ सकता है। ऐसे में क्षेत्र में बढ़ता सैन्य तनाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ा रहा है।
