घर का खाना खाने के बावजूद बढ़ सकता है कोलेस्ट्रॉल, इन आदतों पर दें ध्यान
घर का खाना खाने के बावजूद बढ़ सकता है कोलेस्ट्रॉल, इन आदतों पर दें ध्यान
नई दिल्ली: कोलेस्ट्रॉल का नाम सुनते ही अक्सर लोगों के मन में बर्गर, पिज्जा, समोसा और ज्यादा तेल वाली चीजों की तस्वीर आने लगती है। यही वजह है कि कई लोग मानते हैं कि घर का खाना खाने से कोलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ सकता। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। खाना घर का हो या बाहर का, उसकी मात्रा, बनाने का तरीका और रोजमर्रा की जीवनशैली भी कोलेस्ट्रॉल पर असर डालती है।
कोलेस्ट्रॉल पूरी तरह खराब नहीं
कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए पूरी तरह नुकसानदायक नहीं है। शरीर को इसकी कुछ मात्रा जरूरी होती है और यह कई महत्वपूर्ण कामों में मदद करता है। समस्या तब होती है जब खून में बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) की मात्रा जरूरत से ज्यादा बढ़ जाती है।
लंबे समय तक LDL का स्तर ज्यादा रहने पर रक्त वाहिकाओं में प्लाक जमा हो सकता है, जिससे आगे चलकर हृदय रोग और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है।
वजन बढ़ना और कम शारीरिक गतिविधि भी कारण
अगर कोई व्यक्ति घर का पौष्टिक खाना खाता है, लेकिन दिनभर ज्यादातर समय बैठा रहता है और शारीरिक गतिविधि बहुत कम है, तो यह भी स्वास्थ्य के लिए समस्या बन सकती है। ज्यादा कैलोरी का सेवन और कम गतिविधि वजन बढ़ने का कारण बन सकते हैं, जिसका असर कोलेस्ट्रॉल पर भी पड़ सकता है।
इसलिए केवल यह देखना पर्याप्त नहीं है कि खाना घर पर बना है। यह भी देखना जरूरी है कि क्या खाया जा रहा है, कितनी मात्रा में खाया जा रहा है और दिनभर कितनी शारीरिक गतिविधि हो रही है।
घी-मक्खन की मात्रा पर भी रखें नजर
घर के खाने में इस्तेमाल होने वाली कुछ चीजों की मात्रा भी महत्वपूर्ण है। घी, मक्खन, मलाई और कुछ पशु-आधारित खाद्य पदार्थों में सैचुरेटेड फैट अधिक हो सकता है। इनका जरूरत से ज्यादा सेवन LDL को बढ़ा सकता है।
इसी तरह पूरी, पकौड़े, कचौड़ी और अन्य डीप-फ्राइड चीजों को रोज के भोजन का हिस्सा बनाने से बचना चाहिए।
थाली में फाइबर वाली चीजें बढ़ाएं
कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने के लिए केवल तेल कम करना ही पर्याप्त नहीं है। भोजन में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, ओट्स, जौ, बीन्स और दालें शामिल करना भी जरूरी है।
इन खाद्य पदार्थों में फाइबर पाया जाता है, जो LDL को कम करने में मदद कर सकता है। इसके विपरीत मैदा, सफेद ब्रेड, बिस्किट और अत्यधिक पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का ज्यादा सेवन संतुलित डाइट के लिए अच्छा विकल्प नहीं माना जाता।
कुछ मामलों में जीन भी हो सकते हैं जिम्मेदार
हर बार बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल की वजह सिर्फ खान-पान या जीवनशैली नहीं होती। कुछ लोगों में आनुवंशिक कारणों से भी LDL का स्तर काफी ज्यादा हो सकता है।
अगर परिवार में कम उम्र में हार्ट अटैक, स्ट्रोक या बहुत ज्यादा कोलेस्ट्रॉल की समस्या रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेकर उचित जांच और मार्गदर्शन लेना जरूरी है।
रोज की दिनचर्या में शारीरिक गतिविधि शामिल करें
स्वस्थ खान-पान के साथ नियमित शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है। तेज चाल से चलना, साइकिल चलाना या अपनी क्षमता के अनुसार अन्य गतिविधियां दिनचर्या में शामिल की जा सकती हैं।
निष्कर्ष: कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने के लिए सिर्फ बाहर का खाना छोड़ना पर्याप्त नहीं है। संतुलित आहार, सही मात्रा, कम सैचुरेटेड फैट, पर्याप्त फाइबर, नियमित शारीरिक गतिविधि और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह—इन सभी पर ध्यान देना जरूरी है।
