उत्तरकाशी के पिलंग-जौड़ाऊ गांवों को मिली सौर ऊर्जा की सौगात, 113 परिवारों को बिजली कटौती से मिलेगी राहत
उत्तरकाशी के पिलंग-जौड़ाऊ गांवों को मिली सौर ऊर्जा की सौगात, 113 परिवारों को बिजली कटौती से मिलेगी राहत
भटवाड़ी विकासखंड के दूरस्थ पिलंग और जौड़ाऊ गांवों में अब मानसून और बर्फबारी के दौरान बिजली कटौती की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। दोनों गांवों में कुल 102 किलोवाट क्षमता के ऑफ-ग्रिड सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जिससे 113 परिवारों को लाभ मिलेगा।
102 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट स्थापित
प्रज्ञा संस्था ने एसबीआई फाउंडेशन के सहयोग से पिलंग और जौड़ाऊ गांव में सौर ऊर्जा परियोजना तैयार की है। परियोजना का विधिवत शुभारंभ बीते बृहस्पतिवार को किया गया।
परियोजना के तहत पिलंग गांव में 67 किलोवाट और जौड़ाऊ गांव में 35 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट लगाया गया है। इसके साथ ही दोनों गांवों में विद्युत वितरण नेटवर्क और सौर जल ताप प्रणाली भी विकसित की गई है।
113 परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ
सौर ऊर्जा परियोजना के जरिए पिलंग के 78 और जौड़ाऊ के 35 परिवारों, यानी कुल 113 परिवारों को बिजली की सुविधा से जोड़ा गया है। इसके अलावा दोनों गांवों के पंचायत घरों और विद्यालयों में भी सौर ऊर्जा से बिजली उपलब्ध कराई गई है।
परियोजना के तहत तैयार किए गए सोलर सिस्टम को संचालन के लिए संबंधित ग्राम पंचायतों को सौंप दिया गया है।
खराब मौसम में नहीं होगी बिजली की इतनी परेशानी
पिलंग और जौड़ाऊ गांवों में मानसून के दौरान बारिश और सर्दियों में बर्फबारी के कारण अक्सर बिजली आपूर्ति बाधित होती रहती है। मुख्य विद्युत लाइन में खराबी आने पर ग्रामीणों को लंबे समय तक बिजली का इंतजार करना पड़ता है।
ऐसे में ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में काम करेगा। मुख्य बिजली लाइन बाधित होने की स्थिति में भी सौर ऊर्जा से ग्रामीणों की घरेलू और सामुदायिक जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी।
दोनों गांवों में लगाए गए सोलर वाटर गीजर
ग्रामीणों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दोनों गांवों में एक-एक हजार लीटर क्षमता के दो-दो सोलर वाटर गीजर भी लगाए गए हैं। इससे गर्म पानी की सुविधा भी सौर ऊर्जा के जरिए उपलब्ध होगी।
संस्था से जुड़े मनमोहन सिंह ने बताया कि खराब मौसम के दौरान बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति में यह परियोजना ग्रामीणों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी। इससे स्थानीय स्तर पर ऊर्जा की उपलब्धता बढ़ेगी और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता भी कम होगी।
पंचायतों को सौंपी गई जिम्मेदारी
सौर ऊर्जा संयंत्रों को संचालन के लिए ग्राम पंचायतों को सौंप दिया गया है। परियोजना के शुभारंभ के अवसर पर ग्राम प्रधान दीपा राणा, अनिता, आशुतोष, भूषण शाह, विजयपाल राणा समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और अन्य लोग मौजूद रहे।
पिलंग और जौड़ाऊ में शुरू हुई यह ऑफ-ग्रिड सौर ऊर्जा व्यवस्था खराब मौसम के दौरान ग्रामीणों के लिए बिजली का भरोसेमंद वैकल्पिक स्रोत बनने की उम्मीद है।
