नेपाल में तबाही के बीच भारत की बड़ी मदद, फोरेंसिक टीम पहुंची काठमांडू; 734 की मौत, WHO ने भी जारी किए 1.5 लाख डॉलर
नेपाल में तबाही के बीच भारत की बड़ी मदद, फोरेंसिक टीम पहुंची काठमांडू; 734 की मौत, WHO ने भी जारी किए 1.5 लाख डॉलर
नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान जारी है। इस बीच भारत ने लापता लोगों की पहचान में मदद के लिए फोरेंसिक टीम भेजी है, जो नेपाली विशेषज्ञों के साथ डीएनए सैंपल का मिलान करेगी। आपदा में अब तक 734 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि करीब 2,500 लोग अभी भी लापता हैं।
काठमांडू पहुंची भारतीय फोरेंसिक टीम
नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने काठमांडू पहुंची भारतीय फोरेंसिक टीम के सदस्यों से मुलाकात की। यह टीम नेपाली विशेषज्ञों के साथ मिलकर बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान करने में मदद करेगी।
भारतीय फोरेंसिक विशेषज्ञ मृतकों के डीएनए सैंपल का मिलान करेंगे, ताकि उन परिवारों को अपने लापता परिजनों के बारे में जानकारी मिल सके, जो अब भी उनके सुरक्षित होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने बताया कि भारतीय फोरेंसिक टीम राहत सामग्री लेकर पहुंची चौथी फ्लाइट के साथ नेपाल पहुंची है और रसुवा में आई भीषण बाढ़ में मारे गए लोगों की पहचान के लिए नेपाली समकक्षों के साथ काम करेगी।
भारत से 11 टन राहत सामग्री पहुंची
भारत ने नेपाल के लिए राहत अभियान तेज कर दिया है। भारतीय वायुसेना का सी-130 विमान करीब 11 टन राहत सामग्री लेकर नेपाल पहुंचा। विमान में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद के लिए एक टनल टेक्निकल टीम और जरूरी उपकरण भी भेजे गए हैं।
यह राहत अभियान भारत के विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय की संयुक्त निगरानी में संचालित किया जा रहा है।
नेपाल में 734 लोगों की मौत, 2,498 लापता
नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के मुताबिक, रविवार सुबह 9 बजे तक फ्लैश फ्लड और भूस्खलन में 734 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,498 लोग अब भी लापता हैं।
लापता लोगों में रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, नवलपरासी पूर्व-पश्चिम, तनहुन और चितवन समेत कई जिलों के लोग शामिल हैं। चितवन के आंकड़ों में मानव शरीर के कुछ अंग भी शामिल बताए गए हैं।
19 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी राहत अभियान में जुटे
बाढ़ प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। भोटेकोशी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खोज, बचाव और राहत कार्यों के लिए 19,895 सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं।
नेपाली सेना ने तिमुरे, धुंचे और हाकुबेसी इलाकों से 183 लोगों को सुरक्षित निकाला, जिनमें चार चीनी नागरिक भी शामिल हैं। वहीं हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे 279 लोगों को हेलिकॉप्टर के जरिए बचाया गया है।
अब तक 227 विदेशी नागरिकों को भी हेलिकॉप्टर से सुरक्षित निकाला गया है।
हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स में बड़ी संख्या में लोग लापता
नेपाल विद्युत प्राधिकरण की जानकारी के अनुसार, हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स से जुड़े 933 लोग संपर्क से बाहर हैं। इसके अलावा 589 विदेशी नागरिकों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है।
लापता लोगों में नेपाल पुलिस के 27, नेपाली सेना के 45 और आर्म्ड पुलिस फोर्स के 13 कर्मचारी भी शामिल हैं। कस्टम और इमिग्रेशन विभाग के कर्मचारियों के भी लापता होने की जानकारी दी गई है।
डब्ल्यूएचओ ने जारी की 1.5 लाख डॉलर की आपात मदद
नेपाल की इस भीषण आपदा के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी आपात सहायता बढ़ाई है। डब्ल्यूएचओ ने बाढ़ प्रभावित लोगों की तत्काल स्वास्थ्य जरूरतों के लिए 1.5 लाख डॉलर की आपात राशि जारी की है।
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, बाढ़ के कुछ घंटों के भीतर ही जरूरी मेडिकल सप्लाई नेपाल भेज दी गई थी। इनमें एक इंटरएजेंसी इमरजेंसी हेल्थ किट भी शामिल है, जो करीब 10 हजार लोगों की तीन महीने तक की स्वास्थ्य जरूरतें पूरी कर सकती है।
इसके अलावा सर्जिकल मास्क, ग्लव्स, हैंड सैनिटाइजर और अन्य जरूरी मेडिकल सामान भी प्रभावित इलाकों में भेजे जा रहे हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी पड़ा बड़ा असर
बाढ़ और भूस्खलन से नेपाल के कई इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित रसुवा जिले में चार स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह तबाह हो गए हैं, जबकि धादिंग में दो स्वास्थ्य केंद्र आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
सड़कों और पुलों के टूटने से कई अस्पतालों तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। बाढ़ के बाद डायरिया, सांस संबंधी बीमारियों, पानी और भोजन से फैलने वाली बीमारियों तथा मच्छरों से होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
चीन-नेपाल सीमा पर भी विदेशी नागरिक लापता
चीन-नेपाल सीमा स्थित ग्यिरोंग पोर्ट पर बाढ़ और भूस्खलन के बाद 23 देशों के 261 विदेशी नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें 49 भारतीय, 33 लातवियाई, 18 अमेरिकी और 15 ब्रिटिश नागरिक शामिल बताए गए हैं।
नेपाल में राहत और बचाव अभियान अभी भी जारी है। भारी तबाही के बीच भारत की फोरेंसिक टीम के पहुंचने से मृतकों की पहचान और लापता लोगों के परिवारों को जानकारी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
