उत्तराखंड

वंदे मातरम् पर BJP-कांग्रेस में घमासान, महेंद्र भट्ट बोले- ‘लोगों को दो लाइन से ज्यादा याद नहीं’

वंदे मातरम् पर BJP-कांग्रेस में घमासान, महेंद्र भट्ट बोले- ‘लोगों को दो लाइन से ज्यादा याद नहीं’

देहरादून: वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। सोमवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने देहरादून में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर राष्ट्रगीत के मुद्दे पर विभाजनकारी राजनीति और तुष्टीकरण का आरोप लगाया। हालांकि, पत्रकारों के सवाल पर भट्ट ने खुद स्वीकार किया कि आज बड़ी संख्या में लोगों को वंदे मातरम् की दो पंक्तियों से अधिक याद नहीं हैं।

भट्ट ने कहा कि लंबे समय तक वंदे मातरम् के पूर्ण स्वरूप से लोगों को दूर रखने के कारण ऐसी स्थिति बनी है। उनके मुताबिक, नियमित गायन और अभ्यास के जरिए धीरे-धीरे राष्ट्रगीत के अन्य छंद भी लोगों को याद होंगे।

‘वंदे मातरम् केवल गीत नहीं, राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक’

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी के लिए वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति श्रद्धा, स्वतंत्रता संग्राम का मंत्र और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है।

उन्होंने कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा 1937 के प्रस्ताव को दोबारा स्वीकार करने और राष्ट्रगीत के केवल दो छंद गाने के फैसले की आलोचना की। भट्ट ने कहा कि भाजपा इस फैसले को विभाजनकारी राजनीति से प्रेरित मानती है।

उन्होंने कहा कि भाजपा अब वंदे मातरम् के इतिहास, अर्थ और महत्व को आम लोगों, खासकर युवाओं तक पहुंचाने के लिए जनजागरण अभियान चलाएगी।

कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति का आरोप

महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वंदे मातरम् के पूर्ण गायन को लेकर कांग्रेस का मौजूदा रुख 1937 की राजनीति को दोहराने जैसा है। उन्होंने 1923 के काकीनाडा अधिवेशन का भी जिक्र किया।

भट्ट ने महात्मा गांधी के विचारों का हवाला देते हुए कहा कि गांधी ने वंदे मातरम् को धर्म की सीमाओं से ऊपर राष्ट्रीय भावना से जुड़ा माना था। उनका आरोप है कि कांग्रेस ने गांधी के नाम का राजनीतिक इस्तेमाल तो किया, लेकिन उनके विचारों को नजरअंदाज किया।

हरीश रावत पर भी साधा निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा वंदे मातरम् के मुद्दे को जेन-जी के मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश बताए जाने पर भी भट्ट ने पलटवार किया।

उन्होंने कहा कि हरीश रावत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें अपने कार्यकर्ताओं को वंदे मातरम् के सम्मान के लिए प्रेरित करना चाहिए। भट्ट ने कहा कि आजादी के दौर के गीतों और उनके महत्व को नई पीढ़ी तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है।

भट्ट ने माना- अभी लोगों को कम छंद याद

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से पूछा गया कि क्या उन्हें खुद वंदे मातरम् के सभी छंद याद हैं और भाजपा कार्यकर्ताओं को इसका पूरा स्वरूप कंठस्थ है, तो उन्होंने माना कि फिलहाल लोगों को कम छंद ही याद हैं।

भट्ट ने कहा कि दशकों तक वंदे मातरम् के पूर्ण स्वरूप का नियमित अभ्यास नहीं होने के कारण लोगों को इसके सीमित हिस्से ही याद हैं। नियमित गायन शुरू होने पर धीरे-धीरे पूरा राष्ट्रगीत लोगों की स्मृति और व्यवहार का हिस्सा बन जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि वंदे मातरम् के सम्मान का मतलब सिर्फ पूरा गीत गाना नहीं है। यदि कोई व्यक्ति पूरा राष्ट्रगीत नहीं गा सकता तो वह अपनी गतिविधियां रोककर सम्मान में खड़ा हो सकता है।

BJP चलाएगी राष्ट्रगीत को लेकर अभियान

भट्ट ने बताया कि दिल्ली में हुई भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति में वंदे मातरम् को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया है। अब पार्टी देशभर में इसके इतिहास और महत्व को लोगों तक पहुंचाने का अभियान चलाएगी।

उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं है, बल्कि पूरे देश का राष्ट्रगीत और मां भारती की वंदना है। भाजपा इसके सम्मान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *