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Zepto ने बदली फ्री डिलीवरी की शर्त, अब ₹199 के ऑर्डर पर मिलेगी सुविधा; पीक टाइम में सीमा ₹299

Zepto ने बदली फ्री डिलीवरी की शर्त, अब ₹199 के ऑर्डर पर मिलेगी सुविधा; पीक टाइम में सीमा ₹299

नई दिल्ली। क्विक-कॉमर्स कंपनी Zepto ने फ्री डिलीवरी पाने के लिए न्यूनतम ऑर्डर मूल्य बढ़ा दिया है। पहले जहां सामान्य परिस्थितियों में ₹149 के ऑर्डर पर फ्री डिलीवरी मिल जाती थी, अब ग्राहकों को कम से कम ₹199 का ऑर्डर करना होगा।

वहीं, अधिक मांग यानी पीक डिमांड के दौरान फ्री डिलीवरी के लिए न्यूनतम ऑर्डर मूल्य ₹299 तक पहुंच सकता है।

Blinkit और Instamart के करीब पहुंची Zepto की नीति

नई व्यवस्था के बाद Zepto की फ्री डिलीवरी की शर्तें प्रतिस्पर्धी क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Blinkit और Instamart के करीब आ गई हैं।

इस बदलाव का सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है जो केवल कुछ जरूरी सामान के छोटे ऑर्डर करते हैं। ऐसे ग्राहकों को अब फ्री डिलीवरी के लिए अपने कार्ट में अतिरिक्त सामान जोड़ना पड़ सकता है।

कंपनियां बढ़ाना चाहती हैं औसत ऑर्डर वैल्यू

क्विक-कॉमर्स कंपनियां फिलहाल कारोबार को अधिक लाभदायक बनाने और डिलीवरी की लागत नियंत्रित करने पर जोर दे रही हैं। न्यूनतम ऑर्डर मूल्य बढ़ाने से ग्राहकों को अधिक सामान खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है।

इससे औसत ऑर्डर वैल्यू (AOV) बढ़ने और प्रति ऑर्डर कंपनी की कमाई में सुधार होने की संभावना रहती है। हालांकि, छोटे और कम मूल्य वाले ऑर्डर करने वाले ग्राहकों के लिए यह बदलाव अतिरिक्त खर्च बढ़ा सकता है।

क्विक-कॉमर्स सेक्टर में बढ़ रही कीमतों की रणनीति

Zepto का यह कदम ऐसे समय आया है जब भारत के क्विक-कॉमर्स बाजार में Zepto, Blinkit और Instamart के बीच प्रतिस्पर्धा तेज है। कंपनियां ग्राहक सुविधा और तेज डिलीवरी बनाए रखने के साथ-साथ अपने कारोबार की लाभप्रदता सुधारने के लिए फीस और ऑर्डर से जुड़ी शर्तों में बदलाव कर रही हैं।

Food delivery कंपनियों ने भी बढ़ाए शुल्क

ऑनलाइन डिलीवरी सेक्टर में शुल्क बढ़ाने का सिलसिला इससे पहले भी देखने को मिला है। इस साल मार्च में Zomato ने प्लेटफॉर्म फीस को लगभग 19 प्रतिशत बढ़ाकर करीब ₹14.90 प्रति ऑर्डर कर दिया था, जो पहले ₹12.50 थी।

इसके बाद Swiggy ने भी प्लेटफॉर्म फीस करीब 17 प्रतिशत बढ़ाकर ₹17.58 प्रति ऑर्डर कर दी थी। पहले यह शुल्क करीब ₹14.99 था।

कुल मिलाकर, डिलीवरी कंपनियां प्लेटफॉर्म फीस, डिलीवरी चार्ज और न्यूनतम ऑर्डर मूल्य जैसे उपायों के जरिए बढ़ती परिचालन लागत के बीच मुनाफे को बेहतर करने की कोशिश कर रही हैं। दूसरी ओर, उनके सामने चुनौती यह भी है कि अतिरिक्त शुल्क के बावजूद ग्राहक प्लेटफॉर्म से जुड़े रहें।

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