राजनीति

संजय राउत का बड़ा आरोप: ‘शिवसेना के नाम और चुनाव चिन्ह को सुनियोजित तरीके से बेचा गया’

संजय राउत का बड़ा आरोप: ‘शिवसेना के नाम और चुनाव चिन्ह को सुनियोजित तरीके से बेचा गया’

मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने बुधवार को पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि शिवसेना और उसके चुनाव चिन्ह को एक सुनियोजित तरीके से एकनाथ शिंदे गुट को सौंपा गया।

पत्रकारों से बातचीत में राउत ने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह और चुनाव आयोग के बीच कथित तौर पर एक बड़ी डील हुई थी। हालांकि, इस दावे के समर्थन में उन्होंने कोई सार्वजनिक सबूत पेश नहीं किया।

‘हजारों करोड़ रुपये की डील हुई’

राउत ने दावा किया कि यह पूरी प्रक्रिया राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित थी और कथित तौर पर करीब 5,000 करोड़ रुपये की डील हुई थी। उन्होंने इसे संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करार दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई से देश की जनता के सामने पूरी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।

शिवसेना के नाम और निशान पर विवाद

गौरतलब है कि शिवसेना में विभाजन के बाद उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट के बीच पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।

चुनाव आयोग ने फरवरी 2023 में शिंदे गुट को शिवसेना का नाम और ‘धनुष-बाण’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया था। उद्धव ठाकरे गुट ने इस फैसले को चुनौती दी है और मामला सुप्रीम कोर्ट में भी विचाराधीन है।

शिवसेना (यूबीटी) का कहना है कि दलबदल कानून के तहत एकनाथ शिंदे गुट के विधायकों की अयोग्यता पर भी विचार किया जाना चाहिए।

भाजपा संगठन में बदलाव पर भी बोले राउत

इससे पहले मंगलवार को राउत ने भाजपा के संगठनात्मक बदलावों पर भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि किसी पार्टी में किसे जिम्मेदारी दी जाती है या किसे हटाया जाता है, यह उस पार्टी का आंतरिक मामला है।

उन्होंने स्मृति ईरानी, राम माधव और विनोद तावड़े का जिक्र करते हुए कहा कि अब यह देखना होगा कि भाजपा का संगठन आगे किस तरह काम करता है।

राउत के ताजा आरोपों के बीच शिवसेना के नाम और चुनाव चिन्ह से जुड़ा कानूनी विवाद सुप्रीम कोर्ट में जारी है।

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