राजनीति

अमित मालवीय की BJP IT सेल से विदाई, नई टीम में दीपक म्हस्के को मिली जिम्मेदारी; जानें क्यों हुआ बदलाव

अमित मालवीय की BJP IT सेल से विदाई, नई टीम में दीपक म्हस्के को मिली जिम्मेदारी; जानें क्यों हुआ बदलाव

भारतीय जनता पार्टी की डिजिटल रणनीति का अहम चेहरा रहे अमित मालवीय अब पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम का हिस्सा नहीं हैं। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को संगठन की नई टीम का ऐलान किया, जिसमें मालवीय की जगह छत्तीसगढ़ के दीपक म्हस्के को पार्टी के IT सेल की जिम्मेदारी दी गई है। इसके बाद मालवीय की भूमिका और बीजेपी की डिजिटल रणनीति में संभावित बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

11 साल बाद बदली IT सेल की कमान

अमित मालवीय ने करीब 11 वर्षों तक बीजेपी के IT और सोशल मीडिया विभाग की कमान संभाली। पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, उनके हटने को हालिया राजनीतिक घटनाक्रम या सोशल मीडिया पर विपक्ष की बढ़ती चुनौती से जोड़ना सही नहीं होगा।

सूत्रों का दावा है कि मालवीय लंबे समय से IT और सोशल मीडिया की जिम्मेदारी से अलग होकर संगठन में नई भूमिका चाहते थे। 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद भी उन्होंने नेतृत्व के साथ इस संबंध में चर्चा की थी। नितिन नवीन के बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद भी उनकी भविष्य की भूमिका को लेकर बातचीत हुई थी।

नई टीम के लिए खुद सुझाए थे कुछ नाम

दिलचस्प बात यह है कि नई IT टीम के लिए जिन नामों पर विचार किया गया, उनमें कुछ नाम मालवीय की ओर से भी सुझाए गए थे। इससे संकेत मिलता है कि IT सेल में बदलाव अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि इसकी तैयारी काफी समय से चल रही थी।

फिलहाल बीजेपी ने मालवीय की अगली जिम्मेदारी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

यूपी और जातीय समीकरण भी अहम

मालवीय को नई राष्ट्रीय टीम में किसी दूसरी बड़ी जिम्मेदारी नहीं मिलने के पीछे संगठनात्मक और क्षेत्रीय समीकरणों को भी अहम माना जा रहा है।

मालवीय उत्तर प्रदेश से आते हैं और ब्राह्मण समुदाय से हैं। वहीं, नई टीम में उत्तर प्रदेश को पहले ही कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं। स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है, जबकि रेखा वर्मा और तारिक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है।

इसके अलावा अमरपाल मौर्य को बीजेपी पिछड़ा वर्ग मोर्चा की कमान दी गई है। ऐसे में पार्टी के भीतर सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को भी ध्यान में रखा गया माना जा रहा है।

पश्चिम बंगाल में भी निभाई अहम भूमिका

IT सेल की जिम्मेदारी के अलावा मालवीय पिछले करीब छह वर्षों से पश्चिम बंगाल के सह-प्रभारी भी रहे। पार्टी के भीतर इस भूमिका में उनके काम को महत्वपूर्ण माना जाता है।

बीजेपी नेताओं के मुताबिक, बंगाल में उनकी भूमिका केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं थी। उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में भी काम किया। इस साल पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सत्ता में वापसी को देखते हुए पार्टी में मालवीय के इस योगदान को भी अहम माना जा रहा है।

बीजेपी की डिजिटल ताकत को नई ऊंचाई तक पहुंचाया

2015 में IT और सोशल मीडिया विभाग की जिम्मेदारी संभालने के बाद मालवीय के कार्यकाल में बीजेपी ने डिजिटल प्लेटफॉर्म को अपनी चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया।

बीजेपी के सोशल मीडिया फॉलोअर्स में पिछले एक दशक में बड़ी वृद्धि हुई है। एक्स, फेसबुक और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर पार्टी की डिजिटल पहुंच कई गुना बढ़ी है। हालांकि, 2013 के शुरुआती आंकड़े अनुमानित हैं क्योंकि उस समय डिजिटल डेटा की निगरानी आज की तरह व्यापक नहीं थी।

विपक्ष के निशाने पर भी रहे मालवीय

अमित मालवीय का कार्यकाल विवादों से भी अछूता नहीं रहा। विपक्षी दलों ने कई बार उन पर सोशल मीडिया के जरिए विरोधी नेताओं के खिलाफ सुनियोजित अभियान चलाने के आरोप लगाए।

बीजेपी का तर्क रहा कि IT सेल का काम केवल सरकार और पार्टी की उपलब्धियों को प्रचारित करना नहीं, बल्कि विपक्ष के हमलों का जवाब देना और पार्टी का पक्ष मजबूती से रखना भी है।

अब Gen Z से जुड़ने की चुनौती

मालवीय के बाद बीजेपी के IT सेल के सामने सबसे बड़ी चुनौती बदलते डिजिटल माहौल के साथ तालमेल बैठाने की होगी। Instagram, YouTube Shorts और दूसरे नए फॉर्मेट्स के बढ़ते प्रभाव ने राजनीतिक दलों को अपनी डिजिटल रणनीति और भाषा बदलने के लिए मजबूर किया है।

नई टीम के सामने चुनौती सिर्फ बीजेपी की मौजूदा डिजिटल बढ़त को बनाए रखने की नहीं होगी, बल्कि युवा और Gen Z दर्शकों के साथ प्रभावी तरीके से जुड़ने की भी होगी।

कुल मिलाकर, अमित मालवीय की 11 साल लंबी डिजिटल पारी का अंत बीजेपी की सोशल मीडिया रणनीति में एक नए दौर की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर होंगी कि दीपक म्हस्के के नेतृत्व में बीजेपी अपनी डिजिटल मशीनरी को किस तरह नई दिशा देती है।

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