2kW सोलर पैनल लगवाने पर कितना आएगा खर्च? जानें सब्सिडी, बिजली उत्पादन और कितना लोड चलेगा
2kW सोलर पैनल लगवाने पर कितना आएगा खर्च? जानें सब्सिडी, बिजली उत्पादन और कितना लोड चलेगा
बढ़ते बिजली बिल से राहत पाने के लिए अब बड़ी संख्या में लोग घर की छत पर सोलर पैनल लगवा रहे हैं। केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी से रूफटॉप सोलर लगवाने की शुरुआती लागत भी कम हो सकती है। आमतौर पर घरों में 1 से 5 किलोवाट तक के सिस्टम लगाए जाते हैं।
अगर आप 2kW का सोलर सिस्टम लगवाने की योजना बना रहे हैं, तो इसकी बिजली उत्पादन क्षमता, लागत और संभावित सब्सिडी के बारे में जानना जरूरी है।
2kW सोलर पैनल से कितनी बिजली बनेगी?
सोलर कंपनियों के मुताबिक, 1kW का सिस्टम अनुकूल परिस्थितियों में रोजाना करीब 4 से 5 यूनिट बिजली पैदा कर सकता है। इस हिसाब से 2kW सिस्टम से प्रतिदिन लगभग 8 से 10 यूनिट बिजली उत्पादन संभव है।
इस तरह महीने में करीब 240 से 300 यूनिट बिजली पैदा हो सकती है। हालांकि, वास्तविक उत्पादन धूप, मौसम, पैनल की दिशा, छाया और सिस्टम की दक्षता पर निर्भर करता है।
2kW सोलर सिस्टम की कीमत कितनी है?
सिस्टम के प्रकार और बैटरी की क्षमता के आधार पर कीमत काफी बदल सकती है।
ऑन-ग्रिड सिस्टम: करीब ₹1 लाख से ₹1.3 लाख
हाइब्रिड/ऑफ-ग्रिड सिस्टम: करीब ₹2 लाख से ₹2.5 लाख
ऑफ-ग्रिड या हाइब्रिड सिस्टम में बैटरी की लागत जुड़ने के कारण कीमत अधिक होती है।
पीएम सूर्य घर योजना में कितनी सब्सिडी?
दिए गए अनुमान के मुताबिक 2kW सिस्टम पर केंद्र की रूफटॉप सोलर सब्सिडी ₹50,000 तक हो सकती है। हालांकि वास्तविक सब्सिडी सिस्टम की क्षमता और योजना के मौजूदा नियमों के अनुसार निर्धारित होती है।
इसलिए सिस्टम खरीदने से पहले आधिकारिक योजना पोर्टल पर वर्तमान सब्सिडी और पात्रता की जानकारी जांचना बेहतर है।
2kW सोलर पर कितना लोड चल सकता है?
2kW सिस्टम सामान्य घरेलू जरूरतों के लिए उपयोगी हो सकता है। पर्याप्त सौर उत्पादन और सही इंस्टॉलेशन की स्थिति में फ्रिज, पंखे, लाइट, टीवी, पानी की मोटर और इंडक्शन जैसे उपकरण चलाए जा सकते हैं।
गीजर या एसी जैसे ज्यादा बिजली खपत वाले उपकरणों को एक साथ चलाने पर सिस्टम की क्षमता सीमित हो सकती है। खासकर एसी चलाने की क्षमता इन्वर्टर, एसी की रेटिंग, उस समय के सोलर उत्पादन और घर के दूसरे लोड पर निर्भर करेगी।
मौसम का भी पड़ता है असर
सोलर पैनल का उत्पादन पूरे साल एक जैसा नहीं रहता। गर्मियों में अच्छी धूप मिलने पर उत्पादन बढ़ सकता है, जबकि बारिश और सर्दियों में कम हो सकता है। इसके अलावा पैनल पर धूल-मिट्टी जमा होने से भी उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
इसलिए पैनल की नियमित सफाई और समय-समय पर सिस्टम की जांच कराना जरूरी है। साथ ही, 2kW सिस्टम खरीदने से पहले अपने घर के वास्तविक बिजली लोड और पिछले कुछ महीनों की बिजली खपत के आधार पर सिस्टम का आकार तय करना ज्यादा बेहतर रहेगा।
