बेल्जियम में भीषण जंगल की आग से हाहाकार, 2,000 हेक्टेयर वनस्पति जलकर राख; 600 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
बेल्जियम में भीषण जंगल की आग से हाहाकार, 2,000 हेक्टेयर वनस्पति जलकर राख; 600 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
बेल्जियम के पूर्वी इलाके हाई फेन्स में लगी भीषण जंगल की आग ने बड़े इलाके को अपनी चपेट में ले लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार शाम तक करीब 2,000 हेक्टेयर वनस्पति जलकर राख हो चुकी थी। इसे बेल्जियम में जंगल की आग से प्रभावित अब तक का सबसे बड़ा क्षेत्र बताया जा रहा है।
30 घंटे से जारी था आग बुझाने का अभियान
आग शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे लगी थी। इसके बाद करीब 30 घंटे तक दमकलकर्मी और अन्य राहत दल आग पर काबू पाने में जुटे रहे। तेज हवाओं के कारण आग बुझाने में काफी मुश्किलें आईं और इसके और फैलने का खतरा बना रहा।
स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर करीब 600 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। इनमें वाइम्स नगरपालिका के सौरब्रॉड्ट इलाके के करीब 500 और बुटजेनबाख के करीब 100 लोग शामिल हैं। सौरब्रॉड्ट की 15 और बुटजेनबाख की सात सड़कों के निवासियों के लिए निकासी के आदेश जारी किए गए।
यूरोपीय देशों से पहुंची मदद
आग पर काबू पाने के लिए बेल्जियम ने यूरोपीय संघ के सिविल प्रोटेक्शन मैकेनिज्म के तहत अंतरराष्ट्रीय मदद मांगी। इसके बाद कई देशों ने अग्निशमन संसाधन भेजे।
आग बुझाने के अभियान में नीदरलैंड के दो सैन्य हेलीकॉप्टर, चेक गणराज्य का एक फायरफाइटिंग हेलीकॉप्टर और स्वीडन के दो फायरफाइटिंग विमान लगाए गए। बेल्जियम ने जमीन पर अभियान को मजबूत करने के लिए सेना के तीन पैंथर फायरफाइटिंग वाहन भी तैनात किए।
तेज हवाओं ने बढ़ाई मुश्किल
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, तेज हवाओं की वजह से आग की लपटों को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ था। शनिवार दोपहर तक कई इलाकों में आग पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं पाया जा सका था।
वाइम्स और जलहे के मेयरों ने इस घटना को बेल्जियम के इतिहास की सबसे भीषण जंगल की आग में से एक बताया है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित इलाकों में लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
