सुप्रीम कोर्ट से तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी को मिली बड़ी राहत: आंख के इलाज के लिए विदेश जाने की मिली सशर्त अनुमति
सुप्रीम कोर्ट से तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी को मिली बड़ी राहत: आंख के इलाज के लिए विदेश जाने की मिली सशर्त अनुमति
कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को आंख के इलाज के लिए सितंबर में तीन सप्ताह के लिए विदेश यात्रा करने की सशर्त इजाजत दे दी है।
1. सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणियां
इलाज चुनने का मौलिक अधिकार: मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने स्पष्ट कहा कि हर नागरिक को विदेश यात्रा करने और अपनी पसंद का चिकित्सीय उपचार चुनने का मौलिक अधिकार है।
निजता का अधिकार: अदालत ने टिप्पणी की कि किसी व्यक्तिगत बीमारी का इलाज कराना व्यक्ति के ‘राइट टू प्राइवेसी’ (निजता के अधिकार) के दायरे में आता है और जांच के नाम पर इलाज के अधिकार को सीमित नहीं किया जा सकता।
2. विदेश यात्रा के लिए तय की गईं शर्तें
पासपोर्ट संबंधी शर्त: अभिषेक बनर्जी केवल अपने डिप्लोमैटिक पासपोर्ट पर ही यात्रा कर सकेंगे।
विस्तृत ब्योरा देना अनिवार्य: यात्रा से पूर्व उन्हें अपना फ्लाइट शेड्यूल, ट्रैवल इटिनरेरी, विदेश में रहने का पता तथा जिस डॉक्टर या अस्पताल में इलाज होना है, उसकी पूरी जानकारी जांच एजेंसियों को सौंपनी होगी।
गोपनीयता का निर्देश: कोर्ट ने एजेंसियों को निर्देश दिया कि अभिषेक बनर्जी द्वारा दी गई यात्रा व इलाज से जुड़ी जानकारी को पूरी तरह गोपनीय रखा जाए।
3. पृष्ठभूमि और कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख
हाई कोर्ट का इनकार: इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट (5 अगस्त) ने उनकी अर्जी खारिज कर दी थी और उन्हें कोलकाता के सरकारी SSKM अस्पताल के मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होकर सलाह लेने को कहा था।
आपराधिक मामला और राहत: चुनाव प्रचार के दौरान कथित बयानबाजी (द्वेषपूर्ण भाषण) से जुड़े मामले में हाई कोर्ट ने उन्हें दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा तो दी थी, लेकिन बिना अनुमति देश छोड़ने पर रोक लगा दी थी।
शीर्ष अदालत का निर्णय: सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के रुख को दरकिनार करते हुए जांच एजेंसियों की आपत्तियों के बावजूद अभिषेक बनर्जी को इलाज कराने हेतु 3 सप्ताह के लिए विदेश जाने की अनुमति प्रदान की।
