FSSAI का बड़ा कदम: पैकेटबंद खाद्य पदार्थों पर जल्द लगेगा ‘फ्रंट ऑफ पैक’ चेतावनी लेबल, सुप्रीम कोर्ट में दिया हलफनामा
FSSAI का बड़ा कदम: पैकेटबंद खाद्य पदार्थों पर जल्द लगेगा ‘फ्रंट ऑफ पैक’ चेतावनी लेबल, सुप्रीम कोर्ट में दिया हलफनामा
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देश में पैकेज्ड फूड पर ‘फ्रंट ऑफ पैक न्यूट्रिशन लेबलिंग’ (FoPL) को लागू करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आधिकारिक हलफनामा पेश किया है। FSSAI ने स्पष्ट किया है कि वह पहले प्रस्तावित दो चरणों के बजाय अब एक ही चरण में FoPL को लागू करने की योजना बना रहा है, जिसके ड्राफ्ट नियमों और अधिसूचना को अंतिम रूप देने में लगभग 4 महीने का समय लगेगा।
FoPL लेबलिंग से जुड़ी मुख्य बातें और प्रारूप
चेतावनी का डिजाइन और आकार: पैकेट के सामने सफेद चौकोर पृष्ठभूमि पर एक लाल षट्भुज (Hexagon) बनाया जाएगा। इसमें नमक, चीनी या वसा की मात्रा अधिक होने पर उसकी जानकारी दी जाएगी। यदि एक से अधिक पोषक तत्व तय सीमा से अधिक हैं, तो उन्हें एक ही षट्भुज में दर्शाया जाएगा।
लेबिलिंग की स्थिति: यह चेतावनी लेबल पैकेट के ऊपरी बाएं हिस्से में प्रमुखता से लगाया जाएगा, जिसका फॉन्ट पीछे दी जाने वाली पोषण तालिका से एक पॉइंट बड़ा होगा। इसका आकार कनाडा में उपयोग होने वाले चेतावनी लेबल्स के अनुरूप तय किया गया है।
स्वैच्छिक अनुपालन अवधि: अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद खाद्य कारोबारियों को 365 दिनों की स्वैच्छिक अनुपालन अवधि दी जाएगी, ताकि कंपनियों को पहले से छपी पैकेजिंग सामग्री का आर्थिक नुकसान न हो।
कृत्रिम मिठास वाले उत्पादों पर चेतावनी: गैर-कैलोरी स्वीटनर वाले खाद्य और पेय पदार्थों के पैकेट के सामने अब ‘CONTAIN NON CALORIC SWEETENER’ की चेतावनी प्रमुखता से छापी जाएगी, जो अब तक केवल पीछे लिखी जाती थी।
पोषक तत्वों की प्रस्तावित सीमाएं (ICMR-NIN दिशानिर्देशों पर आधारित)
FSSAI ने स्पष्ट किया है कि ये सीमाएं ICMR-NIN के ‘Dietary Guidelines for Indians, 2024’ पर आधारित होंगी:
पेय पदार्थ (Beverages): प्रति 100 मिलीलीटर में 2 ग्राम से अधिक चीनी या 175 मिलीग्राम से अधिक नमक होने पर चेतावनी लेबल अनिवार्य होगा।
पैकेज्ड खाद्य पदार्थ (Packaged Foods): प्रति 100 ग्राम में 4.2 ग्राम से अधिक अतिरिक्त वसा या 625 मिलीग्राम से अधिक नमक होने पर यह चेतावनी दी जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कार्रवाई
यह हलफनामा सुप्रीम कोर्ट के 10 सितंबर 2026 के उस आदेश के जवाब में पेश किया गया है, जिसमें अदालत ने FSSAI से FoPL को लागू करने की समय-सीमा, पोषक तत्वों की तय सीमा, चीनी-वसा की गणना और चेतावनी के रंग-रूप को लेकर विस्तृत जवाब मांगा था। FSSAI के इस कदम से उपभोक्ताओं को पैकेटबंद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उसमें मौजूद तत्वों की सही जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
