केरल में ‘वंदे मातरम’ के पूर्ण गायन पर विवाद: कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन और माकपा का कड़ा विरोध
केरल में ‘वंदे मातरम’ के पूर्ण गायन पर विवाद: कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन और माकपा का कड़ा विरोध
केरल में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के पूरे गायन को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कासरगोड से कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन ने स्पष्ट किया है कि केरल में ‘वंदे मातरम’ का पूरा गायन किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
1. कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन का बयान
पूर्ण गायन से इनकार: सांसद उन्नीथन ने कहा कि केरल में ‘इस जन्म में’ पूरा वंदे मातरम नहीं गाया जाएगा। उन्होंने कहा, “इसे उसी तरह गाया जाएगा जैसे अब तक गाया जाता रहा है, उससे अधिक कुछ नहीं।”
राजभवनों पर आरोप: उन्होंने आरोप लगाया कि राजभवन राजनीति का केंद्र बन गए हैं और राज्यपाल केंद्र सरकार के गुलाम की तरह काम कर रहे हैं।
2. विवाद का कारण: मुख्य सचिव का पत्र
सांस्कृतिक मंत्रालय का आदेश: केरल के मुख्य सचिव विश्वनाथ सिन्हा ने 6 अगस्त को एक आदेश जारी किया। यह पत्र ‘हर घर तिरंगा’ अभियान (9 से 17 अगस्त) और राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में जारी किया गया था।
अमित शाह की समिति की मंजूरी: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता वाली समिति के निर्देशानुसार, सभी आयोजनों में झंडारोहण के साथ ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक पूर्ण गायन अनिवार्य करने की बात कही गई थी।
3. माकपा (CPM) का रुख
राज्य में सत्तारूढ़ विपक्षी दल माकपा (CPM) ने भी इस पत्र की आलोचना करते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है। माकपा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ऐसे निर्देश जारी करके राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एजेंडे के आगे घुटने टेक रही है।
