भारत में वर्ष 2028 तक शुरू हो सकती है इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी सेवा: बेंगलुरु से हुई शुरुआत
भारत में वर्ष 2028 तक शुरू हो सकती है इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी सेवा: बेंगलुरु से हुई शुरुआत
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू के अनुसार, भारत में वर्ष 2028 तक बिजली से चलने वाली एयर टैक्सी (eVTOL) उड़ान भर सकती है। बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप सारला एविएशन (Sarla Aviation) अगले साल से अपने विमानों के परीक्षण की प्रक्रिया में तेजी लाने की तैयारी कर रही है।
1. एयर टैक्सी की बनावट और क्षमता
क्षमता: इस विमान में 1 पायलट और 6 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी।
इंजन तकनीक: विमान में कुल 7 इलेक्ट्रिक मोटर होंगी—6 मोटर हवा में ऊपर उठाने के लिए (Vertical Take-off) और 1 मोटर पीछे की ओर आगे बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होगी।
ऊर्जा व्यवस्था: यह पूरी तरह से इलेक्ट्रिक बैटरी पर आधारित होगी, जिसमें भविष्य में उड़ान के दौरान बैटरी चार्ज करने की अतिरिक्त प्रणाली का विकल्प भी देखा जा रहा है।
2. प्रमुख निवेशक और समझौते
निवेशक: इंडिगो वेंचर्स (InterGlobe Enterprises) के साथ-साथ निखिल कामथ, बिन्नी बंसल, श्रीहर्ष मजेटी, अभिराज सिंह भाल और एक्सेल जैसे प्रमुख निवेशकों ने कंपनी में निवेश किया है।
रणनीतिक साझेदारी:
बेंगलुरु एयरपोर्ट: शहर और हवाई अड्डे के बीच कनेक्टिविटी के लिए समझौता।
मणिपाल अस्पताल: हवाई एंबुलेंस (Air Ambulance) और मेडिकल इमरजेंसी सेवाओं के लिए समझौता।
3. फायदे और भविष्य का रोडमैप
समय की बचत: हवाई अड्डे से शहर के बीच 2 घंटे का सफर घटकर मात्र 20 से 30 मिनट रह जाएगा।
किराया और निर्माण: लागत कम रखने के लिए ज्यादातर पुर्जों का निर्माण भारत में ही करने की योजना है ताकि यह सामान्य लोगों की जेब के अनुकूल हो सके।
बहुउपयोगी: यात्री परिवहन के अलावा इसका उपयोग सामान पहुंचाने (Cargo delivery) और चिकित्सा आपातकाल में किया जाएगा।
