NEET पेपर लीक विवाद के बाद पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पहला बयान: “बच्चों की आकांक्षाओं के आगे पद महत्वपूर्ण नहीं”
NEET पेपर लीक विवाद के बाद पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पहला बयान: “बच्चों की आकांक्षाओं के आगे पद महत्वपूर्ण नहीं”
दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के खिलाफ चले 35 दिनों के छात्र आंदोलन के बाद इस्तीफा देने वाले पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दो हफ्ते बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। शनिवार को भुवनेश्वर की एक यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों से संवाद के दौरान उन्होंने अपने इस्तीफे की वजह बताई।
1. धर्मेंद्र प्रधान के बयान के मुख्य बिंदु
पद से बढ़कर बच्चों का भविष्य: पूर्व शिक्षा मंत्री ने कहा कि देश के Gen-Z (युवा पीढ़ी) के बच्चों की आकांक्षाएं और भविष्य उनके लिए किसी भी पद से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर ही अपना इस्तीफा सौंपा था।
युवाओं को गुमराह करने का आरोप: उन्होंने कहा कि Gen-Z हमारे बच्चे हैं और कुछ लोगों ने उन्हें भड़काने व गुमराह करने का प्रयास किया था। भारत का युवा ही देश को विश्व गुरु बनाएगा।
2. घटनाक्रम का घटनाक्रम (Timeline)
25 जुलाई को इस्तीफा: जंतर-मंतर पर छात्रों के भारी विरोध और आंदोलन के दबाव में धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और सोशल मीडिया पर इसकी वजह साझा की थी।
प्रदर्शन की समाप्ति: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद 35 दिनों से जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों का आंदोलन समाप्त हो गया था।
(नोट: धर्मेंद्र प्रधान मोदी सरकार के कार्यकाल में लगातार 5 वर्षों तक शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने वाले पहले मंत्री रहे हैं।)
