उत्तराखंड में SIR का दूसरा चरण जारी: अनमैप्ड मतदाताओं पर आयोग का विशेष फोकस, CEO पुरुषोत्तम ने किया निरीक्षण
उत्तराखंड में SIR का दूसरा चरण जारी: अनमैप्ड मतदाताओं पर आयोग का विशेष फोकस, CEO पुरुषोत्तम ने किया निरीक्षण
उत्तराखंड में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे चरण (नोटिस एवं सुनवाई फेज) के तहत विसंगति (Anomalies) पाए गए 19.04 लाख और अनमैप्ड (Unmapped) 5.26 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी कर दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। प्रक्रिया को लेकर जनता में बने भ्रम और बड़ी संख्या में नोटिस जारी होने के चलते राज्य निर्वाचन आयोग ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है।
1. 5.26 लाख अनमैप्ड मतदाताओं पर विशेष ध्यान
प्राथमिकता निर्धारण: निर्वाचन आयोग ने 5,26,228 अनमैप्ड मतदाताओं पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया है।
ERO/AERO स्तर पर सुनवाई: सीईओ ने निर्देश दिए हैं कि जिनकी प्री-एसआईआर के दौरान मैपिंग नहीं हो पाई है, उनकी ईआरओ (ERO) और एईआरओ (AERO) स्तर पर प्राथमिकता से सुनवाई कर नियमानुसार कार्यवाही पूरी की जाए।
2. आम जनता को राहत के लिए BLO को निर्देश
सामान्य विसंगतियों का ऑन-स्पॉट निस्तारण: मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि छोटी-मोटी और सामान्य विसंगतियों वाले नोटिसों का निस्तारण BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) स्वयं दस्तावेज लेकर व भौतिक सत्यापन करके अपने स्तर पर करें, ताकि आम नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
3. CEO का ग्राउंड जीरो पर निरीक्षण और अधिकारियों की तैनाती
देहरादून में स्थलीय निरीक्षण: सीईओ डॉ. पुरुषोत्तम ने मंगलवार को देहरादून जिले के कई मतदान केंद्रों का दौरा किया, चल रही सुनवाई का जायजा लिया और मतदाताओं से फीडबैक प्राप्त किया।
सीईओ कार्यालय के अधिकारियों को जिलों का जिम्मा: धरातलीय समस्याओं को समझने और निस्तारण के लिए राज्य स्तर के अधिकारियों को जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है:
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे: देहरादून और हरिद्वार
संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का: नैनीताल, अल्मोड़ा, चंपावत और पिथौरागढ़
उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी: पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर
सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास: उधमसिंह नगर, टिहरी और उत्तरकाशी
