गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर पापड़गाड़ के पास फिर भू-धंसाव: 4 घंटे बाधित रहा यातायात, ग्रामीणों ने की स्थायी समाधान की मांग
गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर पापड़गाड़ के पास फिर भू-धंसाव: 4 घंटे बाधित रहा यातायात, ग्रामीणों ने की स्थायी समाधान की मांग
उत्तरकाशी के भटवाड़ी क्षेत्र में पापड़गाड़ के समीप गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-310) पर सोमवार को अचानक भू-धंसाव होने से सड़क पर 50 मीटर लंबी दरार आ गई। दोपहर तक दरार चौड़ी होने से हाईवे पर आवाजाही लगभग 4 घंटे तक पूरी तरह बाधित रही।
1. घटना और वर्तमान स्थिति
अस्थायी यातायात बहाली: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और सीमा सड़क संगठन (BRO) ने शुरुआत में केवल दोपहिया वाहनों को जाने दिया। बाद में दरारों में मिट्टी भरकर यातायात दोबारा शुरू कराया गया।
बड़ा खतरा बरकरार: स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल एक अस्थायी उपाय है। बारिश या भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क का बड़ा हिस्सा कभी भी धंस सकता है, जिससे गंगोत्री धाम यात्रा ठप हो सकती है।
क्यार्क गांव पर संकट: पापड़गाड़ से बरसात में आने वाले मलबे और बोल्डरों के कारण गंगोत्री हाईवे के मोटर पुल और ऊंचाई पर स्थित क्यार्क गांव पर भी बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
2. ग्रामीणों की मांग और पिछला इतिहास
कोई वैकल्पिक मार्ग नहीं: स्थानीय निवासियों (प्रताप प्रकाश, संजीव नौटियाल आदि) ने बताया कि हाईवे बंद होने पर कोई वैकल्पिक सड़क नहीं है।
पिछले साल की आपदा: अगस्त 2025 (बीते वर्ष) की आपदा के दौरान भी इसी जगह 100 मीटर सड़क धंस गई थी, जिससे 3 दिनों तक राहत व बचाव कार्य प्रभावित रहा था।
सुरक्षा कार्य की मांग: ग्रामीणों ने भागीरथी नदी के तटबंधों पर मजबूत सुरक्षा दीवार बनाने और स्थायी ट्रीटमेंट करने की मांग की है।
3. प्रशासन और BRO का पक्ष
प्रशांत आर्य (जिलाधिकारी) का बयान: पापड़गाड़ क्षेत्र के स्थायी सुरक्षा कार्यों के लिए BRO द्वारा THDC के माध्यम से विस्तृत सर्वे कराया जा रहा है।
DPR की तैयारी: सर्वे के आधार पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) बनाई जा रही है। स्वीकृति मिलते ही स्थायी सुरक्षात्मक निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
अलर्ट जारी: फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभाग क्षेत्र की 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं और किसी भी आपात स्थिति के लिए सतर्क हैं।
