उदयनिधि स्टालिन की विवादित टिप्पणी: तृषा पर भद्दी टिप्पणी के आरोप में हिरासत में, खुशबू सुंदर और चिन्मयी श्रीपदा ने की निंदा
उदयनिधि स्टालिन की विवादित टिप्पणी: तृषा पर भद्दी टिप्पणी के आरोप में हिरासत में, खुशबू सुंदर और चिन्मयी श्रीपदा ने की निंदा
तमिलनाडु में कावेरी जल विवाद को लेकर तंजावुर में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान डीएमके (DMK) नेता और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन द्वारा दी गई एक टिप्पणी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर निशाना साधते समय उदयनिधि द्वारा की गई टिप्पणी को मशहूर अभिनेत्री तृषा के खिलाफ अमर्यादित और भद्दी टिप्पणी माना जा रहा है। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद तमिलनाडु पुलिस ने उदयनिधि के खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया है।
1. कैसे शुरू हुआ विवाद?
प्रदर्शन का संदर्भ: तंजावुर में कावेरी नदी के पानी से जुड़े मुद्दे पर प्रदर्शन चल रहा था।
भीड़ की नारेबाजी और टिप्पणी: भाषण के दौरान जब उदयनिधि मुख्यमंत्री की आलोचना कर रहे थे, तभी भीड़ से अभिनेत्री तृषा के नाम के नारे लगे। इसके जवाब में उदयनिधि ने एक दोहरे अर्थ (डबल मीनिंग) वाली टिप्पणी की।
सफाई: विवाद के बाद उदयनिधि ने कहा कि उन्होंने किसी महिला का नाम नहीं लिया था और वह केवल कावेरी नदी का जिक्र कर रहे थे, लेकिन आलोचकों ने इसे दुर्भावनापूर्ण टिप्पणी करार दिया।
2. प्रमुख हस्तियों और नेताओं की प्रतिक्रियाएं
(क) खुशबू सुंदर (BJP नेता व अभिनेत्री)
उन्होंने इस बयान को अत्यंत ओछा, घटिया और अमर्यादित बताया।
खुशबू ने कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने मांग की कि उदयनिधि स्टालिन अभिनेत्री तृषा से सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगें।
(ख) चिन्मयी श्रीपदा (गायिका)
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर गायिका चिन्मयी ने लिखा कि नेताओं को जनहित के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, न कि गैर-राजनीतिक महिलाओं को घसीटना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब भीड़ नारेबाजी कर रही थी, तब एक जिम्मेदार नेता के रूप में उन्हें मर्यादा सिखा नी चाहिए थी, न कि खुद अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए था।
3. कानूनी कार्रवाई
FIR और हिरासत: सार्वजनिक आक्रोश के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उदयनिधि के खिलाफ महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने और उकसावे जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया।
पुलिस ने उन्हें तंजावुर में हिरासत में ले लिया है। इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक मंचों पर राजनीतिक भाषणों में भाषा की मर्यादा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
