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SBI रिसर्च रिपोर्ट: वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की GDP वृद्धि दर 7% रहने का अनुमान; मानसून व एल नीनो का दिखेगा असर  

SBI रिसर्च रिपोर्ट: वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की GDP वृद्धि दर 7% रहने का अनुमान; मानसून व एल नीनो का दिखेगा असर  

​एसबीआई रिसर्च (SBI Research) द्वारा जारी प्री-मोनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) रिपोर्ट के अनुसार, भारत के सुधरते व्यापक आर्थिक आंकड़ों और मजबूत घरेलू मांग के बल पर वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में देश की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर लगभग 7 प्रतिशत रह सकती है।

​1. GDP वृद्धि दर और RBI का अनुमान

​आरबीआई के अनुमान से बेहतर प्रदर्शन: पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण रिजर्व बैंक (RBI) ने Q1 FY27 के लिए जीडीपी विकास दर का अनुमान 6.9% से घटाकर 6.6% कर दिया था।

​बदली परिस्थितियां: एसबीआई रिसर्च के अनुसार, उच्च-आवृत्ति संकेतकों (High-frequency indicators) में सुधार के चलते पहली तिमाही की वृद्धि दर अनुमान से बेहतर (~7%) रहने की उम्मीद है।

​2. महंगाई और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI)

​नियंत्रित आयातित महंगाई: अप्रैल 2026 तक कच्चे तेल की ऊंची वैश्विक कीमतों का असर सीधे पेट्रोल-डीजल के दामों के जरिए भारतीय उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ा।

​महंगाई का दायरा: Q1 में महंगाई दर 3.9% रही, जबकि आगामी दो तिमाहियों में यह 5% से ऊपर जा सकती है।

​वार्षिक अनुमान: पूरे वित्त वर्ष 2026-27 के लिए औसत महंगाई दर 5% रहने का अनुमान है, जो आरबीआई के तय लक्षित दायरे के भीतर है।

​3. मानसून और जलाशयों की स्थिति

​बारिश में सुधार: जून में 40% की भारी कमी के बाद जुलाई में हुई अच्छी बारिश से देशभर में कुल वर्षा की कमी घटकर 13% रह गई है।

​राज्यों की स्थिति: बिहार और आंध्र प्रदेश जैसे कुछ खाद्यान्न उत्पादक राज्यों को छोड़कर जुलाई में लगभग सभी राज्यों में संतोषजनक वर्षा हुई।

​मौसम विभाग (IMD) का पूर्वानुमान: मानसून के दूसरे चरण (अगस्त-सितंबर) में सामान्य से कम (LPA का 94% से कम) बारिश की संभावना जताई गई है।

​जलाशय का स्तर: देश के प्रमुख जलाशयों में जल भंडारण सामान्य स्तर के बराबर है।

​4. एल नीनो (El Niño) का प्रभाव और रबी फसलों पर जोखिम

​सक्रिय एल नीनो: जून के मध्य से शुरू हुआ एल नीनो लगातार मजबूत हो रहा है और इसके 2027 की शरद ऋतु तक बने रहने की आशंका है।

​खरीफ बुवाई: अब तक खरीफ फसलों की बुवाई 2025 के मुकाबले केवल 4.7% कम है, जिससे इस सीजन में खाद्य महंगाई नियंत्रित रहने की उम्मीद है।

​रबी फसलों पर चिंता: देर तक सक्रिय रहने वाला एल नीनो रबी (सर्दियों की) फसलों के उत्पादन को प्रभावित कर सकता है।

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