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डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा: ईरान पर प्रस्तावित अमेरिकी हमला टला; शांति समझौते की शर्तों पर बनी सहमति  

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा: ईरान पर प्रस्तावित अमेरिकी हमला टला; शांति समझौते की शर्तों पर बनी सहमति  

​अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा सैन्य हमला करने की पूरी तैयारी कर ली थी। हालांकि, ईरान और मध्य पूर्व के अन्य सहयोगी देशों की अपील तथा प्रस्तावित शांति समझौते (Peace Deal) पर सहमति बनने के बाद इस हमले को फिलहाल टाल दिया गया है।

​1. ट्रंप के दावे और समझौते की मुख्य शर्तें

​ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश मध्य पूर्व में जारी तनाव को खत्म करने के लिए समझौते के ढांचे पर पहुँच गए हैं:

​स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को खोलना: समझौते के तहत ईरान ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) को तुरंत और पूरी तरह से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही के लिए खोलने पर सहमत हुआ है।

​परमाणु कार्यक्रम पर रोक: ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम (Nuclear Threat) पूरी तरह से समाप्त करेगा।

​इजरायल का रुख: ट्रंप के अनुसार, इजरायल भी इस समझौते की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ खड़ा है।

​2. अमेरिकी नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी

​हमले के टलने की खबरों के बीच, अमेरिकी विदेश विभाग (US State Department) ने मध्य पूर्व में मौजूद अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की है:

​क्षेत्र छोड़ने की सलाह: तनावपूर्ण और अस्थिर माहौल को देखते हुए अमेरिकी नागरिकों से कहा गया है कि वे मध्य पूर्व छोड़ने के बारे में सोचें या इसके लिए तैयार रहें।

​फ्लाइट्स रद्द होने की आशंका: एडवाइजरी में चेतावनी दी गई है कि आने वाले दिनों में सुरक्षा कारणों से एयरलाइंस अपनी उड़ानें रद्द कर सकती हैं या हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद हो सकता है।

​दूतावासों से गैर-ज़रूरी स्टाफ की वापसी: अबू धाबी और दुबई स्थित अमेरिकी दूतावासों व वाणिज्य दूतावासों से गैर-आवश्यक कर्मचारियों को सुरक्षित निकालने के निर्देश दिए गए हैं।

​3. ईरान का रुख: दावों का खंडन और हाई अलर्ट

​दूसरी तरफ, ईरानी मीडिया (जैसे ‘मेहर’ और ‘फार्स’ न्यूज एजेंसी) और ईरानी रक्षा अधिकारियों ने ट्रंप के उस दावे को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि ईरान ने गिड़गिड़ाकर हमला रोकने की अपील की थी।

​ईरानी सैन्य अधिकारियों ने इसे मनोवैज्ञानिक युद्ध (Psychological Warfare) करार दिया और कहा कि उनकी सेना पूरी तरह हाई अलर्ट पर है।

​ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका अपनी आक्रामक नीतियां बंद नहीं करता, तब तक वे पूरी तरह से बेफिक्र नहीं बैठेंगे।

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