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पीएम मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला: जंतर-मंतर प्रदर्शन से चर्चा में आई रुचिका सिंह पर नोएडा पुलिस ने दर्ज की ‘जीरो एफआईआर’

पीएम मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला: जंतर-मंतर प्रदर्शन से चर्चा में आई रुचिका सिंह पर नोएडा पुलिस ने दर्ज की ‘जीरो एफआईआर’

​नोएडा / नई दिल्ली:

दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के छात्र आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने वाली रुचिका सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट की वकील स्मृति सिंह चंदेल की शिकायत पर नोएडा पुलिस ने इस मामले में जीरो एफआईआर (Zero FIR) दर्ज की है।

​घटना चूंकि दिल्ली सीमा और जंतर-मंतर क्षेत्र से जुड़ी थी, इसलिए नोएडा पुलिस ने शिकायत दर्ज कर नियमानुसार मामले को आगे की कानूनी प्रक्रिया और दिल्ली पुलिस के क्षेत्राधिकार में स्थानांतरित कर दिया है।

​CJP प्रवक्ता सौरव दास की प्रतिक्रिया: ‘आपत्तिजनक भाषा के लिए आपराधिक कार्रवाई गलत’

​रुचिका सिंह पर केस दर्ज होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने पुलिसिया कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए इसे गैर-कानूनी बताया।

​मानहानि का विकल्प: सौरव दास ने कहा, “किसी की भाषा गलत या आपत्तिजनक हो सकती है और उस पर संबंधित व्यक्ति सिविल या क्रिमिनल मानहानि (Defamation) का केस कर सकता है। लेकिन प्रदर्शनकारियों को डराने के लिए सीधे क्रिमिनल एफआईआर का इस्तेमाल करना बिल्कुल गलत और निंदनीय है।”

​युवाओं को दी सलाह: हालांकि उन्होंने युवाओं को अपनी भाषा के प्रति सतर्क रहने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा, “मैं युवाओं से गुजारिश करूंगा कि वे अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करें। लेकिन इसके बावजूद पुलिस द्वारा राजनीतिक दबाव में ऐसी शक्तियां इस्तेमाल नहीं की जानी चाहिए।”

​पवन खेड़ा का बयान: ‘बच्चे गलती करें तो क्या पुलिस केस करेंगे?’

​वहीं, इस विवाद पर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा भी रुचिका सिंह के बचाव में सामने आए।

​’बच्ची की निजी जानकारी लीक की गई’: पवन खेड़ा ने कहा, “अपशब्दों का इस्तेमाल किसी को नहीं करना चाहिए, लेकिन अगर घर के बच्चे कोई गलती कर दें तो क्या उनके खिलाफ सीधे केस दर्ज करा देंगे? वह तो एक बच्ची है, लेकिन उसके पीछे पूरा राइट-विंग इकोसिस्टम पड़ गया है और उसकी प्राइवेसी व निजी जानकारी को इंटरनेट पर सार्वजनिक कर दिया गया है।”

​सोशल मीडिया वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी सख्ती

​गौरतलब है कि CJP के आंदोलन के दौरान रुचिका सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें वे पीएम मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा बोलते दिख रही थीं।

​नोएडा पुलिस की जीरो एफआईआर के बाद अब दिल्ली पुलिस भी सोशल मीडिया पर फैल रहे आपत्तिजनक कंटेंट और अशांति फैलाने वाले बयानों को लेकर पूरी तरह सतर्क हो गई है और कानूनी शिकंजा कस रही है।

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