दिल्ली में CJP के NEET प्रदर्शन में हिंसा: उपद्रवियों और ‘मास्क मैन’ पर दिल्ली पुलिस का कसता शिकंजा
दिल्ली में CJP के NEET प्रदर्शन में हिंसा: उपद्रवियों और ‘मास्क मैन’ पर दिल्ली पुलिस का कसता शिकंजा
नई दिल्ली:
NEET पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के 36 दिनों तक चले आंदोलन के दौरान 20 जुलाई को संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में भड़की हिंसा की दिल्ली पुलिस ने गहन जांच शुरू कर दी है। प्रदर्शन की आड़ में हिंसा और तोड़फोड़ करने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान के लिए दिल्ली पुलिस की साइबर टीम और स्पेशल सेल 400 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) की मदद से अब तक 2,873 संदिग्ध बदमाशों और उपद्रवियों की पहचान की जा चुकी है। इनमें से कई लोगों का पिछला गंभीर आपराधिक बैकग्राउंड (जैसे हत्या, लूट और पोक्सो कानून के तहत मामले) सामने आया है।
’मास्क मैन’ और उपद्रवियों का डिजिटल सीक्वेंस तैयार
जांच में सामने आया है कि प्रदर्शन में शामिल कुछ उपद्रवी रणनीति के तहत चेहरे पर मास्क, कपड़े, हाईटेक फेस गॉगल्स और हेलमेट पहनकर आए थे ताकि पहचान छिपाई जा सके।
डिजिटल सीक्वेंस: पुलिस की तकनीकी टीम 400 CCTV कैमरों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को जोड़कर एक क्रोनोलॉजिकल ‘डिजिटल सीक्वेंस’ तैयार कर रही है। इससे यह पता लगाया जा रहा है कि मास्क पहने ये उपद्रवी कहां से आए थे और हिंसा फैलाने के बाद किस दिशा में भागे।
विशेष सुरक्षा उपाय: उपद्रवियों द्वारा आंसू गैस के गोलों से बचने के लिए गीले जूट के बैग और सेफ्टी गॉगल्स का इस्तेमाल करने की भी वैज्ञानिक जांच की जा रही है।
CCTV फुटेज से सामने आई हिंसा की मुख्य लोकेशन (20 जुलाई)
दिल्ली पुलिस ने हिंसा से जुड़े 8 मुख्य लोकेशनों के फुटेज मीडिया के साथ साझा किए हैं:
रायसीना रोड (प्रेस क्लब के पीछे): प्रदर्शनकारियों द्वारा दिल्ली पुलिस के बैरिकेड्स तोड़ने के दृश्य।
संसद मार्ग: भारी भीड़ द्वारा जबरन बैरिकेड्स ध्वस्त कर संसद भवन की ओर बढ़ने और पुलिस बल पर भीषण पथराव।
जनपथ: पुलिस अधिकारियों और वाहनों पर हमला, एक पुलिस वाहन के अंदर पुलिसकर्मी की मौजूदगी के बावजूद वाहन को नुकसान पहुंचाने और पलटने का प्रयास।
रजिस्ट्रार सोसायटी कार्यालय (संसद मार्ग): सरकारी संपत्ति में तोड़फोड़, पथराव और कार्यालय का कीमती सामान बाहर फेंकना।
कनॉट प्लेस: सड़कों पर खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़, पुलिस पर पथराव और क्षतिग्रस्त सरकारी बसों के रिकॉर्डिंग वीडियो।
रीगल सिनेमा (कनॉट प्लेस): उपद्रवियों द्वारा इमारतों और सड़कों पर खुलेआम पत्थरबाजी की घटनाएं।
टॉलस्टॉय मार्ग: एक वाहन को आग के हवाले करना और बसों के टायर की हवा निकालकर रास्ता जाम करने का दृश्य।
जंतर-मंतर: मंच के आसपास भीड़ को हिंसा और आगजनी के लिए उकसाने वाले लाउडस्पीकर ऑडियो और विजुअल साक्ष्य।
पुलिसकर्मियों पर हमले की जांच
दिल्ली पुलिस की आंतरिक रिपोर्ट के मुताबिक, कई फुटेज में उपद्रवी महिला पुलिसकर्मियों और ड्यूटी पर तैनात रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों को घेरकर लाठी-डंडों से पीटते हुए दिख रहे हैं। एक घायल महिला पुलिसकर्मी को लहुलुहान हालत में साथियों द्वारा बाहर निकालते दृश्य भी दर्ज हुए हैं।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की आड़ में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस पर जानलेवा हमला करने वाले किसी भी ‘मास्क मैन’ या आपराधिक प्रवृत्ति के उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़े सबूत जुटाकर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
