सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी और आपत्तिजनक वीडियो मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट में सुनवाई: ‘मेटा’ ने कहा— शिकायतों पर हो रही तुरंत कार्रवाई, कोर्ट ने मांगे सुझाव
सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी और आपत्तिजनक वीडियो मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट में सुनवाई: ‘मेटा’ ने कहा— शिकायतों पर हो रही तुरंत कार्रवाई, कोर्ट ने मांगे सुझाव
नैनीताल:
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी आईडी बनाकर आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने, पैसों की उगाही (ब्लैकमेलिंग) करने और शिकायत मिलने पर कंपनियों द्वारा त्वरित कार्रवाई न किए जाने को लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) पर उत्तराखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में हुई सुनवाई के दौरान सोशल मीडिया कंपनी मेटा (Meta) ने अपना पक्ष रखा।
1. मेटा ने कोर्ट में क्या दिया जवाब?
मेटा की ओर से पेश वकील ने पीठ को अवगत कराया कि कंपनी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम) की नीतियों व नियमों में आवश्यक संशोधन किए हैं। अब उपयोगकर्ताओं द्वारा की जाने वाली आपत्तिजनक सामग्री या फर्जी आईडी से जुड़ी शिकायतों पर त्वरित (फास्ट-ट्रैक) कार्रवाई की जा रही है।
2. हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से मांगे सुझाव
मेटा के जवाब के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता से कहा कि यदि उन्हें लगता है कि वर्तमान में भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की शिकायत निवारण प्रणाली में कोई खामियां या कमियां मौजूद हैं, तो वे अपने सुझाव और बिंदु कोर्ट के समक्ष पेश करें, ताकि साइबर अपराध की ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
मामले की अगली सुनवाई 3 सप्ताह (21 दिन) बाद तय की गई है।
3. क्या है पूरा मामला?
2021 की जनहित याचिका: यह मामला वर्ष 2021 का है, जब उत्तराखंड हाईकोर्ट के एक ट्रेनी अधिवक्ता ने फर्जी आईडी और ब्लैकमेलिंग के खिलाफ जनहित याचिका दायर की थी।
पीड़ित की आपबीती: याचिकाकर्ता के अनुसार, किसी अज्ञात व्यक्ति ने फेसबुक पर उनकी फर्जी आईडी बनाई और उस पर आपत्तिजनक वीडियो अपलोड कर उनसे पैसे ऐंठने का प्रयास किया।
फेसबुक की लापरवाही पर सवाल: पीड़ित ने आरोप लगाया था कि फेसबुक (मेटा) से बार-बार शिकायत करने के बावजूद कई दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे उन्हें अपने परिजनों और दोस्तों के सामने मानसिक प्रताड़ना और अपमान झेलना पड़ा।
मुख्य मांग: याचिका में मांग की गई है कि सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए शिकायतों पर तय समय-सीमा के भीतर त्वरित कार्रवाई करने और दोषियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने के स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं।
