यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में 25 नए स्थल शामिल: भारत का ‘सारनाथ’ भी लिस्ट में हुआ दर्ज
यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में 25 नए स्थल शामिल: भारत का ‘सारनाथ’ भी लिस्ट में हुआ दर्ज
बुसान: दक्षिण कोरिया के बुसान शहर में 19 से 29 जुलाई (2026) तक आयोजित यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर समिति के 48वें सत्र में एक बड़ा फैसला लिया गया है। यूनेस्को ने दुनियाभर के 25 नए स्थलों को अपनी प्रतिष्ठित ‘विश्व धरोहर सूची’ (World Heritage List) में शामिल किया है। इनमें भारत का ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक बौद्ध स्थल ‘सारनाथ’ भी शामिल है।
1. भारत से उत्तर प्रदेश का ‘सारनाथ’ शामिल
उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में स्थित प्राचीन बौद्ध तीर्थस्थल सारनाथ को 25 जुलाई को आधिकारिक तौर पर यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में जगह दी गई।
धार्मिक व ऐतिहासिक महत्व: सारनाथ वही पवित्र स्थान है जहां भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना पहला उपदेश (धम्मचक्कप्पवत्तन सुत्त) दिया था। यहां का धमेख स्तूप और अशोक स्तंभ का सिंह शीर्ष भारत की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक हैं।
2. दुनिया भर के अन्य प्रमुख नए स्थल
यूनेस्को समिति की बैठक में सर्वसम्मति से 19 सांस्कृतिक, 5 प्राकृतिक और 1 मिश्रित स्थल को मंजूरी दी गई। प्रमुख नए स्थलों में शामिल हैं:
ईरान: आलमूत महल (Alamut Castle) और संबंधित किला
जॉर्डन: अकाबा समुद्री संरक्षित क्षेत्र (Aqaba Marine Reserve)
जापान: असुका और फुजिवारा की पुरानी राजधानियां
उज्बेकिस्तान: ताशकंद मॉडर्निस्ट आर्किटेक्चर
ग्रीस (यूनान): माउंट ओलंपस (Mount Olympus) का बड़ा हिस्सा
साओ टोमे और प्रिंसिपे: ‘रोकास’ (औपनिवेशिक कृषि प्रणाली)
3. कुल स्थलों की संख्या और ऐतिहासिक उपलब्धि
कुल संख्या: इन 25 नए स्थलों के जुड़ने के साथ ही 173 देशों में फैली यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों की कुल संख्या 1,273 हो गई है।
तीन देशों का ऐतिहासिक डेब्यू: कोमोरोस (Comoros), साओ टोमे एवं प्रिंसिपे (São Tomé and Príncipe) और दक्षिण सूडान (South Sudan) के लिए यह सत्र ऐतिहासिक रहा, क्योंकि इन तीनों देशों के स्थलों को पहली बार विश्व धरोहर सूची में स्थान मिला है।
4. अगला सत्र (49वाँ सेशन) कहां होगा?
यूनेस्को ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि विश्व धरोहर समिति के अगले सत्र का आयोजन वर्ष 2027 में तुर्किये के इस्तांबुल शहर में किया जाएगा।
