जेपी नड्डा से मिले सीजेपी नेता, मांगों का पत्र सौंपा; स्वास्थ्य मंत्री ने ट्वीट कर आंदोलन खत्म करने की अपील की
जेपी नड्डा से मिले सीजेपी नेता, मांगों का पत्र सौंपा; स्वास्थ्य मंत्री ने ट्वीट कर आंदोलन खत्म करने की अपील की
NEET परीक्षा धांधली के खिलाफ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के उग्र आंदोलन के बीच एक बड़ी राजनीतिक हलचल सामने आई है। दिल्ली में हुए भारी हंगामे और लाठीचार्ज के बाद सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद जेपी नड्डा ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट साझा कर पूरी स्थिति की जानकारी दी।
’वार्ता का प्रस्ताव प्रदर्शनकारियों की तरफ से आया था’
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने अपने एक्स (X) पोस्ट में स्पष्ट किया कि सरकार के साथ बातचीत की पहल खुद प्रदर्शनकारी नेताओं की ओर से की गई थी।
नड्डा ने अपने पोस्ट में लिखा:
”आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव आया और सुबह 11 बजकर 50 मिनट से ही हमारी बातचीत जारी है। यह मुलाकात बेहद सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई। सीजेपी के डेलीगेशन के साथ पहले विस्तार से मौखिक चर्चा हुई और उसके बाद लगभग 4 बजे उन्होंने मुझे एक लिखित याचिका (मांग पत्र) सौंपी।”
स्वास्थ्य मंत्री ने आगे बताया कि उन्होंने डेलिगेशन के माध्यम से सभी प्रदर्शनकारी छात्रों और युवाओं से अनुरोध किया है कि वे जंतर-मंतर पर जारी अपने धरने को समाप्त करें और दिल्ली में सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन की मदद करें।
सड़कों पर संग्राम के बीच बंद कमरे में हुई बैठक
यह मुलाकात उस वक्त हुई जब दिल्ली की सड़कें रणक्षेत्र बनी हुई थीं। संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन सीजेपी के हजारों कार्यकर्ता संसद का घेराव करने के लिए आगे बढ़ रहे थे। इस दौरान जंतर-मंतर के पास पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जोरदार झड़प हुई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज (हल्का बल प्रयोग) किया, जिसमें कुछ लोगों को चोटें भी आईं।
इस टकराव के बीच सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने जेपी नड्डा के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की और छात्रों की मांगों की सूची सौंपी।
अब आगे क्या? सरकार जारी कर सकती है बयान
संसद मार्च और लाठीचार्ज के बाद देश भर में बढ़ते दबाव को देखते हुए माना जा रहा है कि सरकार इस मुलाकात और छात्रों की मांगों पर जल्द ही एक आधिकारिक बयान जारी कर सकती है। वहीं दूसरी ओर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी संसद भवन में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मिलकर इस पूरे घटनाक्रम पर चर्चा की है।
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जेपी नड्डा से मिले आश्वासन और उनकी अपील के बाद सीजेपी इस आंदोलन को वापस लेती है या अपनी रणनीति में बदलाव कर प्रदर्शन जारी रखती है।
